सार
बजट 2025 से नौकरीपेशा, व्यापारी, किसान समेत तमाम वर्गों को राहत की उम्मीद है। टैक्स में छूट से लेकर कर्ज और सब्सिडी तक, जानें किस सेक्टर को बजट से क्या एक्सपेक्टेशन है।
Budget 2025 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। बजट को लेकर अलग-अलग वर्ग और सेक्टर की अपनी-अपनी उम्मीदें हैं। नौकरीपेशा लोग जहां इनकम टैक्स में छूट चाहते हैं, वही व्यापारी वर्ग GST में कटौती की उम्मीद लगाए बैठा है। जानते हैं अलग-अलग सेक्टर्स की बजट को लेकर क्या अपेक्षाएं हैं।
1- नौकरीपेशा और सैलरीड क्लास
बजट 2025 में नौकरीपेशा और सैलरीड क्लास बेसिक इनकम टैक्स छूट लिमिट बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार इसे 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर सकती है। इसके अलावा स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी 50,000 से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने की मांग उठ रही है।
2- ऑटो इंडस्ट्री
ऑटो इंडस्ट्री के लोग चाहते हैं कि हेलमेट पर लगने वाले जीएसटी को 18 प्रतिशत से कम कर 12% करना चाहिए। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स को 2030 तक 100% इलेक्ट्रिक होने के लिए कम्पलसरी करने की भी सिफारिश की जा रही है।
3- डिफेंस सेक्टर
इस बार पिछले साल के मुकाबले डिफेंस का बजट कम से कम 10% ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सेना को किसी भी तरह से फंड की कमी न हो, बजट में इस पर फोकस किया जा सकता है।
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4- हॉस्पिटैलिटी सेक्टर
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा देने की मांग की जा रही है। उम्मीद है कि इस बार टूरिज्म सेक्टर के लिए बजट में अलग से आवंटन किया जाएगा। साथ ही इस सेक्टर में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी फोकस रहेगा।
5- स्किल डेवलपमेंट इंडस्ट्री
2025 के बजट में स्किल डेवलपमेंट इनीशिएटिव और कम्प्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन बढ़ाने की मांग की जा रही है। कम्प्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में कम्प्यूटर के अलावा, सर्वर, स्टोरेज सिस्टम, ऑपरेटिंग सिस्टम और डेटाबेस शामिल हैं।
6- एनर्जी सेक्टर
एनर्जी सेक्टर की डिमांड है कि बजट में ग्रीन एनर्जी पर फोकस किया जाना चाहिए। इसके साथ ही बढ़ते वायु प्रदूषण और दूसरी चीजों से निपटने के लिए उचित आवंटन और प्रभावशाली उपाय अपनाने होंगे।
7- एग्रीकल्चर सेक्टर
किसानों की मांग है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल मिलने वाली 6000 रुपए की मदद को बढ़ाकर दोगुना यानी 12000 रुपए करना चाहिए। इसके अलावा किसानों को सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
8- SME सेक्टर
SME सेक्टर को पहले से ज्यादा क्रेडिट गारंटी और कम ब्याज पर लोन की उम्मीद है। इसके अलावा रूरल सेक्टर को ग्रामीण सड़क योजना के बजट में कम से कम 10% इजाफे की उम्मीद है। पिछले साल इसके लिए 14,800 करोड़ रुपए का फंड आवंटित किया गया था।
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