अमृतसर की कीर्ति गोयल ने लुप्त होती थथेरा कला को पुनर्जीवित कर P-TAL नामक स्टार्टअप से सफलता की नई ऊंचाइयां छुईं। शिक्षक की सलाह पर कला की ओर रुख करने वाली कीर्ति आज करोड़ों का कारोबार कर रहीं हैं।

युवा स्टार्ट-अप उद्यमियों के लिए अमृतसर निवासी कीर्ति गोयल एक प्रेरणा हैं। छोटी उम्र में ही सफलता की ऊंचाइयों को छूने वाली कीर्ति, कई कलात्मक परिवारों के लिए एक मिसाल बन गई हैं। P-TAL नामक स्टार्टअप शुरू करने वाली कीर्ति का सफर आसान नहीं था। लुप्त होती थथेरा कला को पुनर्जीवित करना कीर्ति का मुख्य उद्देश्य था। और उन्होंने इसे कर दिखाया। एक सफल उद्यमी के रूप में उभरीं। 

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शिक्षक की सलाह से बदली जिंदगी : बचपन में डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना कई लोग देखते हैं और उसे पूरा भी करते हैं। लेकिन कुछ लोगों के सपने अलग होते हैं और उनका रास्ता भी अलग। अपनी पसंद का रास्ता पहचानने के लिए एक मार्गदर्शक की जरूरत होती है। कीर्ति के लिए उनके शिक्षक मार्गदर्शक बने। उन्होंने जो सलाह दी, उसे कीर्ति ने अक्षरशः माना और आज एक सफल उद्यमी बन गईं।

कीर्ति ने अपने दोस्तों की तरह इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि ये उनके लिए नहीं है। इसके बाद कीर्ति ने अपने शिक्षक की सलाह पर कला की ओर रुख किया। कीर्ति ने पर्ल अकादमी में आवेदन किया। सौभाग्य से, उन्हें वहां प्रवेश मिल गया। इसने उनके रास्ते को और आसान बना दिया। दूसरे वर्ष के प्रशिक्षण में, कीर्ति गोयल ने भारतीय हस्तशिल्प पर आधारित एक परियोजना पर काम करना शुरू कर दिया। उन्हें चंबा रुमाल कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। यह एक अद्भुत अनुभव था। बाद में, कीर्ति को यूनेस्को द्वारा प्रमाणित हस्तशिल्प थथेरा के बारे में पता चला। थथेरा हस्तशिल्प में पारंपरिक पीतल और तांबे के बर्तनों को हाथ से बनाया जाता है। थथेरा कला को देखने के बाद कीर्ति का लक्ष्य तय हो गया। कीर्ति गोयल ने 2016 में इन कारीगरों के साथ मिलकर P-TAL कंपनी की स्थापना की।

कंपनी शुरू करने से पहले कीर्ति ने इस बारे में काफी रिसर्च की थी। आज कीर्ति की कंपनी, खाना पकाने के बर्तन, खाने के बर्तन और टेबलवेयर सहित 80 से अधिक प्रकार के उत्पाद बनाती है। इनमें प्लेट, गिलास, पीतल के करछुल, तांबे की बेकिंग ट्रे आदि शामिल हैं। कंपनी लगभग 50 कारीगर परिवारों के साथ काम करती है।

कीर्ति अपने कर्मचारियों को अच्छा वेतन देती हैं। उनके साथ काम करने वाले कारीगर 25,000 से 50,000 रुपये प्रति माह कमाते हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में ग्राहकों की संख्या अधिक है। कंपनी का वर्तमान वार्षिक कारोबार 36 करोड़ रुपये का है। कीर्ति गोयल की कंपनी हाल ही में शार्क टैंक इंडिया में दिखाई दी थी। जहां उन्हें ऑल-शार्क डील मिली।