शादी के सीजन में गाड़ियों की किल्लत? अब ट्रेन या कोच बुक करके बारात ले जाइए! जानिए कैसे करें बुकिंग और क्या है इसका खर्च।

नई दिल्ली: कुछ ही दिनों में शादी का सीजन शुरू होने वाला है। शादी का सीजन शुरू होते ही कपड़े, गहने समेत सभी बाजारों में तेजी देखने को मिलती है। कपड़े, सोना आदि की खरीदारी के साथ-साथ मैरिज हॉल, गाड़ियां, होटल, कमरे की बुकिंग भी पहले से ही कर ली जाती है। दुल्हन को लाने के लिए, दूल्हे के लिए खास गाड़ी और रिश्तेदारों के लिए भी गाड़ियां बुक की जाती हैं। शादी के सीजन में किराए की गाड़ियों की मांग ज्यादा होती है। कई बार दोगुना किराया देने पर भी गाड़ियां नहीं मिलतीं। अगर गाड़ियां नहीं मिल रही हैं तो आप ट्रेन एडवांस में बुक कर सकते हैं। 

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कभी-कभी शादी के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती है और यात्रियों की संख्या ज्यादा हो तो ट्रेन बुक कर सकते हैं। आप अपनी यात्रियों की संख्या के हिसाब से कोच बुक कर सकते हैं। अगर यात्रियों की संख्या ज्यादा है तो पूरी ट्रेन को कुछ समय के लिए एडवांस में बुक कर सकते हैं। राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए पार्टियां कभी-कभी पूरी ट्रेन बुक करती हैं। हाल ही में राम मंदिर दर्शन के लिए कई राज्यों से ट्रेन/कोच बुक किए गए थे।

सिर्फ एक या दो या उससे ज्यादा कोच बुक करने का किराया ज्यादा होता है। कोच बुकिंग में यात्री अपने गंतव्य स्थान या स्टेशन पर उतरने के बाद ट्रेन अपनी यात्रा जारी रखती है। लेकिन पूरी ट्रेन बुकिंग में ट्रेन आपके बताए गए स्टेशन तक ही जाती है। लेकिन ट्रेन बुकिंग महंगी होती है। कोच बुकिंग के किराए के साथ इंजन का किराया अलग से देना होता है। इंजन का किराया डीजल या इलेक्ट्रिक होने पर निर्भर करता है। रास्ते में अपनी सुविधा के अनुसार ट्रेन को रोकने पर किराया और भी महंगा हो सकता है।

बुक कैसे करें?
पहले आपको तय करना होगा कि आपको कहां से कहां तक ट्रेन या कोच चाहिए और फिर मंडल वाणिज्य प्रबंधक से मिलना होगा। भारतीय रेलवे के अधिकारी सीटों के हिसाब से किराया तय करके आपको पूरी जानकारी देंगे। फिर आपको बुकिंग ऑफिस से सर्कुलर टिकट खरीदना होगा। इस तरह से ट्रेन बुक की जा सकती है। कोच या पूरी ट्रेन बुक करना आपके ऊपर है।