संयुक्त राष्ट्र महासभा में अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने 80 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और अब किसान भी स्मार्टफोन से लेनदेन कर रहे हैं। 

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA में भारत की जमकर तारीफ हो रही है। अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस (Dennis Francis) ने कहा- भारत के किसान, जिनका बैंकिंग सिस्टम से कभी कोई नाता नहीं था, वो भी अब अपने सभी लेनदेन स्मार्टफोन पर कर रहे हैं। भारत ने 80 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। ग्लोबल साउथ के कई हिस्सों में ऐसा देखने को नहीं मिलता है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

टेक्नोलॉजी-इनोवेशन से बदल सकते हैं लोगों की जिंदगी

यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में प्रेसिडेंट डेनिस फ्रांसिस ने आगे कहा- भारत में कई तरह के पॉजिटिव बदलाव हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) में एक संबोधन के दौरान उन्होंने कहा- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिये लोगों की जिंदगी को बदला जा सकता है। इसी दौरान उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। दुनिया के विकसित और विकासशील देशों के बीच के अंतर को खत्म करने की जरूरत है। ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ में एक बड़ा डिफरेंस है, लेकिन हम इस खाई को पाटने की जगह और बढ़ाते जा रहे हैं।

भारत की डिजिटल क्रांति से सीखना चाहती है दुनिया

भारत में डिजिटल क्रांति की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में रखी। इस योजना नाम डिजिटल इंडिया मिशन है। इसका उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, डिजिटल पहुंच, डिजिटल समावेशन और डिजिटल सशक्तिकरण के जरिये भारत को नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी बनाना और डिजिटल रूप से सशक्त समाज में बदलना है। भारत के डिजिटल इंडिया मिशन के जरिये आर्थिक व्यवस्था में मजबूती आने के साथ ही गवर्नेंस और सिटिजन सर्विसेज सिस्टम में भी एक अभूतपूर्व बदलाव आया है। पिछले 9 साल में डिजिटल पेमेंट ट्रांजेक्शन में उल्लेखनीय बढ़त देखी गई है। इसके साथ ही UPI ने सबसे पसंदीदा पेमेंट मोड के रूप में गांव-गांव तक अपनी पकड़ मजबूत बना ली है।

Digital Mission को सफल बनाने में जुटी केंद्र सरकार

डिजिटल मिशन को कामयाब बनाने के लिए भारत सरकार ने 'प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षारता अभियान' की शुरुआत की और इसके जरिये 30 सितंबर 2023 तक ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 7.17 करोड़ लोगों को डिजिटल साक्षरता प्रदान की गई। इसी तरह सरकारी खरीद-फरोख्त में डिजिटल को बढ़ावा देने के लिए 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' स्कीम शुरू की गई। इस प्लेटफॉर्म के जरिये 30 सितंबर 2023 तक करीब 5.23 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन किया जा चुका था।

ये भी देखें : 

अगले 7 साल में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत, जानें किसने की भविष्यवाणी