भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नई मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान कर दिया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (Shakti Kant Das) के अनुसार इस बार भी रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। 

RBI Monetary Policy 2023. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नई मौद्रिक नीति की घोषणा कर दी है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार रेपो रेट में इस बार भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका लाभ ईएमआई पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं और लोन चुका रहे ग्राहकों को भी मिलेगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

आरबीआई मॉनिटरी पॉलिसी में नहीं बदला रेपो रेट

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार नई मॉनिटरी पॉलिसी में रेपो रेट नहीं बदला गया है। यह पहले की तरह ही 6.5 प्रतिशत पर बना रहेगा। 6 से 8 जून तक चली आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी समिति ने फिलहाल रेपो रेट न बढ़ाने का निर्णय लिया है। आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली समिति के सामने सबसे बड़ा मुद्दा देश में मंहगाई पर लगाम लगाना था। साथ ही मौजूदा समय की वैश्विक परिस्थितियों में किस तरह से सामंजस्य बिठाया जाए, यह फैसला करना था। तीन तीनों तक चले मंथन के बाद आरबीआई ने देश के लोगों पर कोई भार न डालने का फैसला किया और रेपो रेट को नहीं बढ़ाया।

Scroll to load tweet…

अर्थव्यवस्था की रिकवरी रहेगी जारी- आरबीआई

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली समिति ने निर्णय लिया कि देश की अर्थव्यस्था में हो रहे सुधार को जारी रखने के लिए रेपो रेट नहीं बढ़ाना चाहिए। जानकारी के लिए बता दें कि इसी साल फरवरी में एमपीसी की मीटिंग के दौरान रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले दिसंबर 2022 में मॉनिटरी पॉलिसी की समीक्षा के दौरान रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई थी। इस बार की मॉनिटरी पॉलिसी के ऐलान के वक्त यह अनुमान लगाया गया है कि देश की विकास दर 6.4 प्रतिशत से बढ़कर 6.5 प्रतिशत होगी। वहीं वित्त मंत्रालय ने 2023-24 के लिए 6.8 प्रतिशत के विकास दर का अनुमान लगाया है।

यह भी पढ़ें

IKIO Lighting IPO:जानें दूसरे दिन कितने गुना सब्सक्राइब हुआ LED बनाने वाली कंपनी का आईपीओ, क्या चल रहा GMP