इनकम टैक्स रिटर्न के आंकड़ों के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रिसर्च ने कहा है कि पिछले 10 सालों में भारतीय मिडिल क्लास की इनकम में करीब 3 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। 

Indian Middle Class Income. SBI की रिसर्च रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि मिडिल क्लास की आय में पिछले 10 साल में 3 गुना इजाफा हुआ है। इनकम टैक्स रिटर्न के आंकड़ों के आधार पर एसबीआई की रिपोर्ट बताती है कि 2047 तक भारत की सालान प्रति व्यक्ति आय बढ़कर करीब 14.9 लाख रुपए पहुंच जाएगी। रिपोर्ट में भारतीय मिडिल क्लास को न्यू इंडियन मिडिल क्लास कहा गया है।

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क्या कहती है एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट?

आईटीआर के आंकड़ों के आधार पर तैयार किए गए एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है- 2013 में मिडिल क्लास की औसत इनकम 4.4 लाख रुपए थी। यह वित्त 2022 में बढ़कर 13 लाख रुपए पहुंच गई। यानि पिछले 10 साल के अंदर मिडिल क्लास की इनकम में करीब 3 गुने की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

क्यों बढ़ी भारतीय मिडिल क्लास की इनकम?

रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल क्लास की इनकम बढ़ने के 2 कारण हैं। 1- लाखों आयकर देने वाले लोग लोअर इनकम ग्रुप से निकलकर अपर इनकम ग्रुप में पहुंच गए हैं। 2- 0 टैक्स देने वालों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसी आधार पर भारतीय मिडिल क्लास की आय में तीन गुना तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

कैसे साल-दर-साल बढ़ती गई इनकम

रिपोर्ट बताती है- 2011 में 1.6 करोड़ लोगों ने इनकम टैक्स दियाा था। इनमें से 84% लोगों की इनकम तब 5 लाख रुपए प्रति वर्ष थी। 2022 की बात करें तो वित्त वर्ष के दौरान 6.8 करोड़ लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है। इनमें से 64% लोगों की आमदनी 5 लाख रुपए सालाना है। यानि 2011-12 तक 13.6% आबादी निम्म आय वर्ग से निकलकर मिडिल आय वर्ग तक पहुंच चुकी है।

2047 तक कितनी होगी भारतीय मिडिल क्लास की कमाई?

रिसर्च के अनुसार- इसी तरह मिडिल क्लास की कमाई में इजाफा होता रहा तो 2047 तक भारत में टैक्स देने वालों की आय वित्त वर्ष 2022 में 13 लाख रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2047 में करीब 49.9 लाख रुपए हो जाएगी। वहीं औसत प्रति व्यक्ति आय 14.9 लाख रुपए सालाना तक पहुंच जाएगा। 2047 तक इनकम टैक्स देने वालों की संख्या में भी भारी इजाफा होगा। 2023 में इनकम टैक्स देने वालों की संख्या 8.5 करोड़ है, जो 2047 नें बढ़कर 48.2 करोड़ तक पहुंच जाएगी।

भारत के वर्कफोर्स में कितनी बढ़ोत्तरी होगी

2023 में भारत का वर्कफोर्स करीब 53 करोड़ है। यह 2047 में बढ़कर 72.7 करोड़ तक पहुंच जाएगा। 2023 में टैक्स देने वाले वर्कफोर्स की हिस्सेदारी 22.4% है। यह 2047 में बढ़कर 85.3% तक पहुंच जाएगी। इतना ही नहीं, 0 टैक्स देने वालों की संख्या में भी 2047 तक करीब 25% तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। यानि टैक्स देने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी का सीधा मतलब है कि आय में ग्रोथ।

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