शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है। पिछले 5 दिनों में सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट आई है। इस दौरान निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। सबसे ज्यादा फार्मा सेक्टर को नुकसान हुआ है।

Share Market : शेयर मार्केट का बिगड़ा मूड इस हफ्ते भी सुधर नहीं पाया। पिछले 5 दिनों के सभी ट्रेडिंग सेशन में बाजार लाल निशान पर ही बंद हुए। 10-14 फरवरी तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब 2.5% तक नीचे आ गए, जो इस साल की सबसे बड़ी वीकली गिरावट है। पिछले 8 कारोबारी सेशल में BSE बेंचमार्क 2,644.6 अंक (3.36%) और निफ्टी 810 अंक (3.41%) तक गिर गए हैं। पिछले हफ्ते 7 फरवरी को सेंसेक्स (Sensex) 77,311 के लेवल पर बंद हुआ था, जबकि इस हफ्ते क्लोजिंग 75,939 के लेवल पर हुई है। यही हाल NSE का भी रहा। निफ्टी-50 पूरे हफ्ते में 452 अंक गिरकर बंद हुआ। पिछले हफ्ते निफ्टी 23,381, जबकि इस हफ्ते 22,929 के लेवल पर बंद हुआ।

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स्मॉल-मिड कैप को सबसे ज्यादा नुकसान 

स्मॉल-कैप और मिड-कैप में शुक्रवार, 14 फरवरी को 3.6% और 2.4% की गिरावट आई। कई कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर स्मॉलकैप और मिडकैप पर देखने को मिला। स्मॉल-कैप इंडेक्स 11 दिसंबर को अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 21.6% नीचे चल रहा है। मिडकैप 24 सितंबर, 2024 के रिकॉर्ड हाई लेवल से 18.4% तक लुढ़क गया है।

सबसे ज्यादा टूटने वाला सेक्टर 

सेक्टोरल लेवल पर बात करें तो सबसे ज्यादा टूटने वाला फार्मा सेक्टर (Pharma Sector) है। इसमें 3% की गिरावट आई है। ट्रेड वॉर की कंडीशन में अमेरिका में रेवेन्यू का सबसे ज्यादा रिस्क इस सेक्टर को ही है। इसके अलावा निफ्टी PSU बैंक सेक्टर 2% से ज्यादा और निफ्टी ऑयल एंडड गैस 1.5% तक टूट गया है।

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5 दिन में गिरता रहा है बाजार इस हफ्ते निवेशकों के 24 लाख करोड़ से ज्यादा डूब गए हैं। BSE लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पिछले हफ्ते 7 फरवरी को 42,478,048 करोड़ था, जो इस शुक्रवार, 14 फरवरी को गिरकर 4,00,19,247 करोड़ रुपए रह गया है। इस तरह कंपनियों का मार्केट कैप 24,58,801 लाख करोड़ घट गया है।

इस हफ्ते बाजार में गिरावट के 3 सबसे बड़े कारण

  1. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद बाजार पर दबाव देखा गया। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें भारत को बाकी एशियाई देशों की तुलना में ज्यादा नुकसान हो सकता है।
  2. विदेशी निवेशक (FIIs) के बाजार छोड़ने की वजह से नकारात्मक असर पड़ रहा है। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को 2,789.91 करोड़ रुपए की इक्विटी बेच दी थी।
  3. ज्यादातर भारतीय कंपनियों के दिसंबर तिमाही के नतीजे उम्मीद से कम रहने से निवेशक चिंतित हैं।

शेयर बाजार में गिरावट जारी रहेगी या रिकवरी होगी 

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर आने वाले समय में और भी गिरावट के संकेत दे रहे हैं। बाजार की दिशा आगे तय करने में बैंकिंग और आईटी सेक्टर्स के परफॉर्मेंस काफी अहम होने वाले हैं। इसलिए निवेशकों को ट्रेड मैनेजमेंट पर ज्यादा फोकस करते हुए अपनी स्ट्रैटजी तैयार करनी चाहिए।

नोट- किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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