वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट (Budget 2023) में MSME सेक्टर को कोरोना महामारी से हुए नुकसान से राहत देने की घोषणा की। लैब में बनाए जाने वाले हीरे के मशीन और टेक्नोलॉजी पर रिसर्च के लिए आईआईटी कॉलेज को पांच साल का ग्रांट दिया जाएगा। 

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट (Budget 2023) में MSME सेक्टर को कोरोना महामारी से हुए नुकसान से राहत देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि MSME के लिए क्रेडिट गारंटी कॉरपस में 9000 करोड़ रुपए डाले गए हैं। इससे 2 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त कोलैक्ट्रल फ्री क्रेडिट 2 लाख रुपए हो जाएगा। यह 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी होगा। कोरोना महामारी के दौरान MSME की जब्त की गई 95% राशि वापस की जाएगी।

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वित्त मंत्री ने कहा कि लैब में बनाए जाने वाले हीरे के आयात को घटाने पर सरकार काम कर रही है। इसके लिए मशीन और टेक्नोलॉजी पर रिसर्च के लिए आईआईटी कॉलेज को पांच साल का ग्रांट दिया जाएगा। ग्रीन इकोनॉमी को बढ़ाने देने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल हाइड्रोजन मिशन को 19700 करोड़ रुपए आवंटित किया है। 2030 तक 5 mmt हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य है। पूंजी निवेश परिव्यय को 33 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपए किया जा रहा है। यह सकल घरेलू उत्पाद का 3.3 प्रतिशत होगा। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण के प्रावधान को एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है। संस्थानों के लिए कॉमन आईडी PAN होगा। ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में 35 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 20,700 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दे रही सरकार
लिथियम बैटरी पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत में कमी आएगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने तेल आयात कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए इलेक्ट्रिक से चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा दिया है। इसका असर भी दिख रहा है। भारत में तेजी से इलेक्ट्रिक दो पहिया और चार पहिया वाहन बाजार में जगह बना रहे हैं। 31 जनवरी को संसद में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार डोमेस्टिक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) मार्केट के 2022 से 2030 के बीच 49% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। इससे 5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

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देश में 633.9 लाख से ज्यादा हैं MSME
MSME (छोटे-मोटे उद्योग) सेक्टर को बजट से काफी उम्मीद थी। देश में 633.9 लाख से ज्यादा MSME हैं। 324.9 लाख MSME ग्रामीण क्षेत्रों और 309 लाख MSME शहरी क्षेत्रों में हैं। माइक्रो MSME की संख्या 630.5 लाख, स्मॉल MSME की संख्या 3.35 लाख और मीडियम MSME की संख्या 5 हजार है। देश की जीडीपी में MSME की हिस्सेदारी 30 फीसदी और निर्यात में 48 फीसदी है। वित्त वर्ष 2021-22 के डाटा के अनुसार MSME सेक्टर से 93.94 लाख लोगों को रोजगार मिला है।

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