NSE IPO GMP Today: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का ₹22,569 करोड़ का मेगा आईपीओ पहले दिन 43% भरा। जीएमपी ₹142 तक पहुंचा। जानें अलॉटमेंट डेट, प्राइस बैंड और ब्रोकरेज की राय।

NSE IPO Latest News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ₹22,569 करोड़ के IPO को लेकर निवेशकों में काफी हलचल है। आज शुक्रवार को इसका दूसरा दिन है। IPO खुलने के पहले दिन ही इश्यू को कुल 43% सब्सक्रिप्शन मिला। अब सबकी नजर दूसरे दिन की बिडिंग और ग्रे मार्केट में चल रहे GMP पर है। इस आईपीओ का जीएमपी ₹142 बताया जा रहा है। अगर इसके अपर प्राइस बैंड के साथ जीएमपी जोड़कर देखें तो करीब ₹1,927 की अनुमानित लिस्टिंग प्राइस बनती है।

NSE IPO: पहले दिन किसने कितनी बोली लगाई?

कुल- 43%

रिटेल इन्वेस्टर्स- 44%

NII- 72%

QIB- 19%

कर्मचारी- 98%

NSE IPO GMP में भी दिख रही है हलचल

NSE IPO का GMP लगातार एक ही लेवल पर नहीं रहा है। ग्रे मार्केट में ये करीब ₹168 तक भी गया और इसके बाद अलग-अलग स्तरों पर ऊपर-नीचे होता रहा। अब लेटेस्ट जीएमपी ₹142 बताया जा रहा है। इसका मतलब ये है कि ग्रे मार्केट सेंटिमेंट में बदलाव आया है। इसलिए सिर्फ आज के GMP को देखकर IPO की एक्चुअल लिस्टिंग प्राइस तय नहीं की जा सकती है। अगर IPO बंद होने तक GMP में और बदलाव होता है, तो अनुमानित लिस्टिंग प्राइस भी बदल सकती है।

NSE IPO में कितना पैसा लगाना होगा?

NSE आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है। एक लॉट में 8 शेयर हैं। इस हिसाब से अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए निवेश के लिए ₹14,280 की जरूरत होगी। आप एक साथ कई लॉट के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

NSE IPO कब बंद होगा?

NSE IPO के लिए बोली लगाने की की आखिरी तारीख 21 सितंबर है। इसके बाद अलॉटमेंट प्रॉसेस शुरू होगा। मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक, शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर, रिफंड प्रॉसेस 23 सितंबर और डीमैट अकाउंट में शेयर 23 सितंबर को ही क्रेडिट होगा।

NSE IPO में अप्लाई करें या दूरी बनाएं?

इस आईपीओ के वैल्यूएशन और भविष्य को लेकर बाजार के एक्सपर्ट्स दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। Angel One का मानना है कि BSE के 54.2x P/E के मुकाबले NSE का वैल्यूएशन करीब 35.4x (पोस्ट-इश्यू) पर आ रहा है, जो लिस्टेड पियर्स के सामने काफी आकर्षक है। भारत के बढ़ते कैपिटल मार्केट और डेरिवेटिव्स में NSE के दबदबे का फायदा मिलेगा। वहीं, SBI सिक्योरिटीज देश के बढ़ते निवेशक आधार और नए प्रॉडक्ट्स के विस्तार के दम पर इसे लॉन्ग टर्म के लिए मजबूत माना है। जबकि Religare Broking ने इस इश्यू को 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का तर्क है कि 42.9x P/E पर वैल्यूएशन में पहले से ही काफी ग्रोथ डिस्काउंटेड है। सेबी द्वारा F&O और ऑप्शंस ट्रेडिंग को लेकर जो नए कड़े नियम लाए जा रहे हैं, उससे आगे चलकर ट्रेडिंग वॉल्यूम और कंपनी की कमाई पर असर पड़ सकता है।

डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और एजुकेशनल उद्देश्य के लिए है। इसे किसी भी शेयर या आईपीओ में निवेश, खरीद या बिक्री की सीधी सिफारिश न माना जाए। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) बाजार के अनौपचारिक अनुमानों पर आधारित होता है और इसमें तेजी से बदलाव संभव है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सेबी-रजिस्टर्ड (SEBI-registered) वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।