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Online Payment New Rules: अब ₹10,000+ पेमेंट तुरंत नहीं होगा, RBI 1 घंटे तक रोकेगा पैसे! जानें वजह
Digital Payment New Rules: डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब ₹10,000 से ज्यादा का ऑनलाइन पेमेंट तुरंत ट्रांसफर नहीं होगा, बल्कि आपको 1 घंटे का होल्ड टाइम मिलेगा, ताकि वे गलत ट्रांजैक्शन को कैंसिल कर सकें। जानिए नियम..

ऑनलाइन पेमेंट का नया नियम क्या है?
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि गलती से किसी गलत नंबर पर पैसे भेज दिए हों और फिर पछतावा हुआ हो? या किसी अनजान कॉल के दबाव में आकर आपने हड़बड़ी में पेमेंट कर दिया हो? आपकी इसी टेंशन को खत्म करने के लिए RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) एक कमाल का नियम लाने जा रहा है। अब ₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांसफर पर आपको 60 मिनट का 'सेफ्टी टाइम' मिलेगा।
पेमेंट में 1 घंटे की देरी क्यों?
अभी हम जैसे ही 'Pay' बटन दबाते हैं, पैसा तुरंत दूसरे के खाते में पहुंच जाता है। जालसाज (Scammers) इसी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। RBI का नया प्रस्ताव कहता है कि अगर आप ₹10,000 से ज्यादा भेज रहे हैं, तो वह पैसा सामने वाले को तुरंत नहीं मिलेगा। उस 1 घंटे के दौरान आप ट्रांजैक्शन को चेक कर सकते हैं। अगर गलती से पेमेंट हुआ है, तो उसे कैंसिल कर सकते हैं। और धोखाधड़ी का अहसास होने पर पेमेंट रोक सकते हैं। RBI सिर्फ टाइम लिमिट ही नहीं, बल्कि 3 नए फीचर्स भी ला रहा है।
RBI के नए नियम में 3 नए फीचर्स
- बुजुर्गों के लिए सुविधा: 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ फ्रॉड की खबरें अक्सर आती हैं। अब ₹50,000 से ज्यादा के पेमेंट के लिए घर के किसी भरोसेमंद व्यक्ति (Trusted Person) की सहमति जरूरी होगी। यानी बिना घर वालों की जानकारी के बड़ा ट्रांजैक्शन नहीं हो पाएगा।
- व्हाइटलिस्ट (Whitelist) की आजादी: अगर आप अपने भाई, पिता या भरोसेमंद दुकानदार को रोज पैसे भेजते हैं, तो उन्हें 'व्हाइटलिस्ट' में डाल दें। ऐसे लोगों को पैसे भेजने पर 1 घंटे वाली देरी नहीं होगी। वहां पैसा तुरंत ही पहुंचेगा।
- डिजिटल किल स्विच (Kill Switch): अगर आपको जरा भी शक हो कि आपका फोन हैक हो गया है या कोई ऐप आपके बैंक से छेड़छाड़ कर रही है, तो आप एक बटन दबाकर अपनी सारी डिजिटल बैंकिंग सर्विस तुरंत बंद कर पाएंगे। अब कस्टमर केयर को लंबी कॉल लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
आंकड़े डराने वाले हैं। पिछले साल देश में करीब ₹22,000 करोड़ का डिजिटल फ्रॉड हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि ₹10,000 से ज्यादा वाले ट्रांजैक्शन भले ही गिनती में कम हों, लेकिन लूट की कुल रकम का 98.5% हिस्सा इन्हीं बड़े ट्रांजैक्शंस का होता है। इसीलिए RBI ने बड़े अमाउंट पर लगाम लगाने का फैसला किया है।
कब से लागू होगा यह नियम?
RBI फिलहाल बैंकों और NPCI के साथ इसकी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। चुनौती यह है कि पेमेंट सुरक्षित भी हो और लोगों को बहुत ज्यादा परेशानी भी न हो। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में इसकी फाइनल गाइडलाइन्स आ जाएंगी।
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