रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर बी कानूनगो ने बृहस्पतिवार को कहा कि जमा बीमा पांच गुना बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने से बैंकों के बही खाते पर असर नहीं पड़ेगा

मुंबई: रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर बी कानूनगो ने बृहस्पतिवार को कहा कि जमा बीमा पांच गुना बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने से बैंकों के बही खाते पर असर नहीं पड़ेगा। हाल में पीएमसी बैंक समेत कई सहकारी बैंकों के विफल होने को देखते हुए बजट में निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) को बीमा दायरा एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने को मंजूरी दी गयी।

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कानूनगो ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘जमा बीमा की समीक्षा से बैंक के बही-खातों पर बहुत असर नहीं होगा।’’ पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉअपरेटिव (पीएमसी) बैंक में संकट को देखते हुए जमा बीमा दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही थी।

रिजर्व बैंक की पूर्ण अनुषंगी डीआईसीजीसी बैंक जमा पर बीमा दायरा उपलब्ध कराता है। फिलहाल डीआईसीजीसी जमाकर्ताओं को एक लाख रुपये का जमा बीमा उपलब्ध कराता है। भले ही खाताधारक के खाते में कितना भी पैसा क्यों नहीं जमा हो। इस व्यवस्था के तहत अगर बैंक किसी कारण से विफल होता है या उसका परिसमापन होता है तो जमाकर्ता को एक लाख रुपया मिलने की गारंटी होती है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)