मंगलवार को पहली बार डिजिटल रुपया (Digital Rupee) लॉन्च होगा। इसका इस्तेमाल सरकारी सिक्यूरिटी की लेनदेन में होगा। पहले सिर्फ थोक कारोबार के लिए डिजिटल रुपया जारी किया जा रहा है। एक महीने के अंदर रिटेल कारोबार के लिए भी इसे जारी किया जाएगा। 

मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank) ने कहा है कि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी का पहला पायलट डिजिटल रुपया मंगलवार को जारी होगा। इसका इस्तेमाल सरकारी सिक्यूरिटी (प्रतिभूतियों) की लेनदेन में होगा। यह सिर्फ थोक कारोबार के लिए होगा। 

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रिजर्व बैंक ने सोमवार को जानकारी दी कि पायलट में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचएसबीसी हिस्सा लेंगे। आरबीआई ने कहा कि एक महीने के भीतर रिटेल सेगमेंट के लिए भी डिजिटल रुपया लॉन्च करने की योजना है। इसे पहले कुछ चुनिंदा जगहों पर चुनिंदा यूजर के लिए लॉन्च किया जाएगा। इन यूजर्स में ग्राहक और व्यापारी शामिल होंगे। 

आरबीआई 7 अक्टूबर को कहा था जल्द शुरू करेंगे पायलट प्रोजेक्ट
डिजिटल रुपए बाजार में लाने को लेकर आरबीआई ने 7 अक्टूबर को कहा था कि वह जल्द ही इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान डिजिटल रुपए का इस्तेमाल सीमित रखा गया है। पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों का विश्लेषण केंद्रीय बैंक दिया किया जाएगा। इसके बाद उसे व्यापक रूप से बाजार में लाया जाएगा। डिजिटल रुपए से बैंकों का ट्रांजेक्शन कॉस्ट कम होगा। 

डिजिटल ट्रांजेक्‍शन पसंद कर रहे हैं लोग
टेक्नोलोडर प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ विपिन कुमार ने कहा कि ब्लॉकचेन का उपयोग करके एक डिजिटल रुपया लॉन्च करना सरकार के लिए कठिन काम नहीं है। भारत में लोग यूपीआई आईडी और बार कोड के रूप में डिजिटल ट्रांजेक्‍शन या पेमेंट कर रहे हैं। मौजूदा समय में बहुत से लोग डिजिटल ट्रांजेक्‍शन को ही ज्‍यादा तवज्‍जों दे रहे हैं। 

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आसानी से हो सकेगा ट्रांजेक्‍शन
ब्लॉकचेन तकनीक से निर्मित डिजिटल करेंसी को अन्य क्रिप्टो एसेट्स की तरह एक डिजिटल वॉलेट से दूसरे में ट्रांसफर किया जाएगा। बिट्सएयर एक्सचेंज के फाउंडर कुणाल जगदाले के अनुसार पैसे ट्रांसफर करने के लिए प्राप्तकर्ता के वॉलेट अड्रेस में पंच करना होगा। यह आज के यूपीआई ट्रांजेक्‍शन जितना ही बेहतर होगा, जहां पैसे का मूल्य किसी के वॉलेट या बैंक अकाउंट से दूसरे में ट्रांसफर किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमें डिजिटल रुपए पर एसओपी का इंतजार करना चाहिए जिसमें इसे लॉन्च किया जाएगा।

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