Salary Hacks: सैलरी आते ही खाली हो जाता है अकाउंट? अपनाएं ये 5 यूजफुल ट्रिक
Salary Saving Tips: हर महीने सैलरी क्रेडिट होते ही कुछ घंटे अकाउंट भरा-भरा लगता है, लेकिन फिर देखते ही देखते बैलेंस गायब हो जाता है। EMI, रेंट, बिजली-पानी बिल, बच्चों की फीस, ऑनलाइन शॉपिंग बजट बिगाड़ देते हैं। ऐसे में 5 आसान ट्रिक यूजफुल हो सकती हैं

पहले खुद को पेमेंट करें
ज्यादातर लोग पहले खर्च करते हैं, फिर बचत की सोचते हैं। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यही सबसे बड़ी गलती है। सैलरी आते ही कम से कम 10-20% रकम अलग सेविंग अकाउंट या निवेश में डाल देना चाहिए। अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपए है, तो 5,000-10,000 रुपए तुरंत अलग कर दें। कहा भी जाता है, जो पैसा नजर से दूर, वो खर्च से भी दूर होता है।
50-30-20 रूल अपनाएं
ये एक आसान बजट फॉर्मूला है, जिसे ज्यादातर फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स सजेस्ट करते हैं। इनकम का 50% जरूरी खर्च (घर, राशन, बिल), 30% लाइफस्टाइल (घूमने और शॉपिंग) और 20% सेविंग पर खर्च करना चाहिए। इससे आपको साफ पता रहेगा कि किस हिस्से में ज्यादा खर्च हो रहा है। एक महीने ट्रैक करने पर फर्क खुद ही दिखने लगता है।
सब्सक्रिप्शन और EMI की सफाई करें
नेटफ्लिक्स (Netflix), अमेजन (Amazon), ऐप्स, म्यूजिक, क्रेडिट कार्ड EMI जैसे छोटे-छोटे कटने वाले खर्च मिलकर बड़ी रकम बना देते हैं। हर 3 महीने में एक 'मनी चेक डे' रखें और देखें कि क्या जो पैसा कट रहा है, वो सच में जरूरी है? सिर्फ 2-3 फालतू सब्सक्रिप्शन बंद करके आप साल में हजारों रुपए बचा सकते हैं।
24 घंटे का शॉपिंग रूल
कोई भी बिना जरूरी चीज खरीदने से पहले कम से कम 24 घंटे रुकें। अक्सर जो चीज उस वक्त जरूरी लगती है, अगले दिन उतनी जरूरी नहीं रह जाती है। ये छोटी सी आदत महीने के कम से कम 3,000-5,000 रुपए बचा सकती है।
इमरजेंसी फंड बनाएं
अचानक मेडिकल इमरजेंसी, नौकरी छूट जाना या बड़ा खर्च कई बार बजट को पूरी तरह तोड़ देता है, इसलिए हर महीने थोड़ा-थोड़ा जोड़कर 3 महीने के खर्च जितना इमरजेंसी फंड जरूर बनाना चाहिए। जब बैकअप होता है, तो कर्ज लेने की नौबत नहीं आती और फाइनेंशियली प्रॉब्लम्स भी नहीं आती है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य वित्तीय जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें बताए गए टिप्स आम परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दिए गए हैं। किसी भी तरह का निवेश, बचत योजना या वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपनी इनकम, खर्च और रिस्क क्षमता का आंकलन जरूर करें। हम किसी विशेष निवेश योजना, बैंक, वित्तीय संस्था या प्रोडक्ट की सिफारिश नहीं कर रहे हैं। किसी भी वित्तीय फैसले लेने से पहले प्रमाणित फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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