इस बार आम बजट में सरकार ने प्रोविडेंट फंड (PF) में सालाना 2 लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा के कॉन्ट्रिब्यूशन पर मिलने वाले ब्याज को टैक्स के दायरे में लाया गया है।

बिजनेस डेस्क। इस बार आम बजट में सरकार ने प्रोविडेंट फंड (PF) में सालाना 2 लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा के कॉन्ट्रिब्यूशन पर मिलने वाले ब्याज को टैक्स के दायरे में लाया गया है। सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा गया कि वह बचत पर टैक्स लगा रही है, जिसका असर नेगेटिव होगा। इसे लेकर रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने बताया है कि सरकार ने हाल ही में कुछ पीएफ खातों की जांच की थी। इससे पता चला कि कुछ हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) के खातों में बहुत ही ज्यादा रकम जमा है। पीएफ में सबसे ज्यादा कॉन्ट्रिब्यूशन करने वाले एक शख्स के अकाउंट में 103 करोड़ रुपए की राशि थी, वहीं दो ऐसे लोगों के खातों में 86-86 करोड़ रुपए जमा थे। 

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टॉप 20 अमीरों के खाते में 825 करोड़
रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने जानकारी दी कि पीएफ में पैसा जमा करने वाले टॉप 20 अमीरों के पीएफ खातों में कुल 825 करोड़, वहीं टॉप 100 अमीरों के खातों में 2000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा मिले। इससे यह जाहिर हुआ कि अमीर लोग पीएफ अकाउंट में करोड़ों रुपए जमा कर रहे हैं और टैक्स बचाते हुए उस पर लाभ भी ले रहे हैं। यही वजह है कि पीएफ अकाउंट में एक तय रकम से ज्यादा जमा करने पर टैक्स का प्रावधान किया गया।

1 अप्रैल से लागू होगा नियम
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने जब बजट पेश किया, तभी उन्होंने यह ऐलान किया था कि पीएफ अकाउंट में सालाना 2.5 लाख रुपए से ज्यादा जमा राशि जो ब्याज मिलेगा, उस पर टैक्स लगाया जाएगा। यह नियम 1 अप्रैल, 2021 से किए जाने वाले कॉन्ट्रिब्यूशन पर लागू होगा।

2 लाख रुपए तक रहेगी छूट
इस नए नियम के तहत उन लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जिनकी सालाना आमदनी 2 लाख रुपए तक है। इससे ज्यादा की जमा राशि के ब्याज पर टैक्स लगेगा। अगर किसी के पीएफ अकाउंट में 5 लाख रुपए जमा होते हैं, तो उसमें 2.5 लाख रुपए के ब्याज पर टैक्स नहीं लगेगा, वहीं बाकी 2.5 लाख रुपए पर मिलने वाले 21,250 रुपए के सालाना ब्याज पर टैक्स देना होगा।

5 करोड़ पर मिल रहा 50 लाख ब्याज
बता दें कि इम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) में 4.5 करोड़ खाताधारक हैं। इनमें से 0.2 फीसदी यानी सिर्फ 1.23 लाख खाते हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स के हैं। कुल प्रोविडेंट फंड में इनका कॉन्ट्रिब्यूशन 62,500 करोड़ रुपए का है। अगर इसका ब्याज जोड़ा जाए तो यह सालाना करीब 50 लाख रुपए होता है। यह अब तक टैक्स फ्री रहा है। रेवेन्यू डिपार्टमेंट का कहना है कि इसे देखते हुए ही टैक्स लगाए जाने की घोषणा की गई है।