Delhi Cost of Living: दिल्ली में रहने का मंथली खर्च कितना है? क्या दिल्ली जैसे महंगे शहर में कोई सरकारी कर्मचारी सिर्फ 25,000 रुपए में पूरा महीना चला सकता है? दिल्ली में 90,000 रुपए की सैलरी में कितना बचत संभव है?

Delhi Government Employee Monthly Budget Viral: दिल्ली जैसे टियर-1 शहर में रहने की लागत को लेकर आम धारणा यही है कि यहां खर्च काफी ज्यादा होता है। लेकिन सोशल मीडिया पर एक दिल्ली की सरकारी कर्मचारी का बजट प्लान वायरल हो रहा है, जिसने इस सोच को काफी हद तक बदल दिया है। 28 वर्षीय असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर कृतिका ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि वह हर महीने लगभग 25,000 रुपए में अपना पूरा मंथली खर्च को मैनेज कर लेती हैं, जबकि उनकी इन-हैंड सैलरी करीब 90,000 रुपए है। कृतिका ने यह भी बताया कि इसके लिए वह क्या-क्या करती हैं और किन बातों का ध्यान रखती हैं।

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2BHK फ्लैट में शेयरिंग से घटा सबसे बड़ा खर्च

कृतिका दिल्ली में एक 2BHK फ्लैट में अपनी एक फ्लैटमेट के साथ रहती हैं। उनका किराया हिस्सा करीब 11,500 रुपए मंथली आता है, जो उनके कुल खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा है। महानगरों में हाउस रेंट अक्सर सबसे बड़ा वित्तीय बोझ माना जाता है, लेकिन रूम शेयरिंग ने उनके मासिक बजट को काफी संतुलित रखा है।

खाने-पीने का स्मार्ट मैनेजमेंट: मेड और घर का खाना

खाने-पीने के खर्च को भी उन्होंने काफी कंट्रोल में रखा है। एक मेड के लिए कुल खर्च मंथली 5,000 रुपए है, जिसमें उनका हिस्सा लगभग 2,500 पड़ता है। इसके अलावा, वे ज्यादातर घर का खाना खाती हैं, जिससे बाहर खाने का खर्च बेहद कम हो जाता है। महीने में वह केवल लगभग 2,000 रुपए ही बाहर खाने पर खर्च करती हैं।

टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन ऑर्डरिंग से बढ़ा ग्रोसरी खर्च

ग्रोसरी और डेली यूज आइटम्स के लिए वह Blinkit और Zepto जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करती हैं। इस पर उनका मासिक खर्च लगभग 4,000 रुपए से 5,000 रुपए के बीच रहता है।

ऑटो-टैक्सी की जगह स्कूटी से कम किया ट्रांसपोर्ट खर्च

कृतिका के अनुसार वह स्कूटी से रोजाना यात्रा करती हैं, जिससे उनका ट्रांसपोर्ट खर्च काफी कम हो जाता है। पेट्रोल पर उनका मंथली खर्च लगभग 1,500 रुपए आता है। दिल्ली जैसे शहर में यह एक बड़ा बचत का कारण माना जा सकता है, जहां कैब और पब्लिक ट्रांसपोर्ट महंगे पड़ते हैं।

यूटिलिटी और लाइफस्टाइल खर्च बेहद कम

उन्होंने बताया कि उन्हें दिल्ली सरकार की सुविधा के कारण बिजली का बिल नहीं देना पड़ता। वहीं WiFi, गैस और RO का कुल खर्च लगभग 1,000 रुपए मंथली आता है। OTT और सब्सक्रिप्शन सर्विस के लिए उनका खर्च लगभग शून्य है, क्योंकि वे परिवार और दोस्तों के अकाउंट शेयर करती हैं। कपड़े और पर्सनल केयर पर उनका मंथली खर्च 3,000 रुपए से 4,000 रुपए के बीच रहता है। कृतिका का वायरल वीडियो नीचे देखें-

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कुल खर्च: 25,000 रुपए मंथली

इन सभी खर्चों को जोड़ने पर कृतिका का कुल मंथली खर्च लगभग 25,000 रुपए बनता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैवल और बड़े एकमुश्त खर्च जैसे ट्रिप्स या खरीदारी को इस बजट में शामिल नहीं किया गया है। वीडियो के कमेंट सेक्शन में उन्होंने बताया कि उनका चयन SSC CGL 2022 परीक्षा के जरिए हुआ था और वह लेवल-7 सरकारी कर्मचारी हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो इसलिए वायरल हो रहा है क्योंकि यह दिखाता है कि सही प्लानिंग, शेयरिंग और लाइफस्टाइल चॉइसेज के जरिए टियर-1 शहर में भी खर्च को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। कृतिका की कहानी खासकर उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है जो बड़े शहरों में नौकरी करते हैं और बजट मैनेजमेंट को लेकर संघर्ष करते हैं। कृतिका के इस वायरल पोस्ट पर यूजर्स ने खूब कमंटे भी किए हैं