IT की नौकरी छोड़ कंटेंट क्रिएटर बने एक कपल ने अपनी कमाई का ब्यौरा दिया है। उनकी 35 लाख की कुल IT सैलरी के मुकाबले, उन्होंने 2025 में कंटेंट क्रिएशन से 1.09 करोड़ रुपये कमाए।
लाखों की सैलरी वाली अपनी आईटी की नौकरियां छोड़कर फुल-टाइम कंटेंट क्रिएशन में उतरे एक कपल ने अपनी कमाई का ऐसा हिसाब-किताब बताया है, जिसे देखकर सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हैं। टेक प्रोफेशनल रह चुके मुस्कान मित्तल और आशीष गुप्ता ने अपनी पुरानी सैलरी और आज की कमाई की तुलना करते हुए एक इंस्टाग्राम वीडियो शेयर किया है, जो अब वायरल हो गया है।
वियतनाम ट्रिप से हुई थी शुरुआत
इस कपल के कंटेंट क्रिएशन के सफर की शुरुआत वियतनाम ट्रिप के एक वीडियो से हुई थी। उन्होंने जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, तो उसे 20,000 से ज़्यादा व्यूज़ मिले। फिलहाल, वे मुख्य रूप से ट्रैवल वीडियो बनाते हैं, लेकिन इसके साथ-साथ रिलेशनशिप और हेल्थ जैसे विषयों पर भी कंटेंट शेयर करते हैं। उनके फॉलोअर्स अक्सर उनसे उनके लाइफस्टाइल और कमाई के बारे में पूछते थे। इन्हीं सवालों के जवाब में दोनों ने अपनी इनकम का पूरा ब्यौरा देते हुए यह वीडियो पोस्ट किया।
आईटी की सैलरी बनाम कंटेंट की कमाई
कंटेंट क्रिएशन में आने से पहले, आशीष एक डेटा एनालिस्ट थे और उनकी सालाना इन-हैंड सैलरी 12 लाख रुपये थी। वहीं, मुस्कान एक सॉफ्टवेयर डेवलपर थीं और वे साल के 23 लाख रुपये कमाती थीं। दोनों ने मई 2023 में पार्ट-टाइम वीडियो बनाना शुरू किया। उसी साल अक्टूबर में उन्हें 15,000 रुपये का पहला पेड कोलैबोरेशन मिला। पहले साल पार्ट-टाइम काम करके ही उन्होंने 6।5 लाख रुपये कमा लिए।
बढ़ती कमाई और बड़े बदलाव
2024 में दोनों ने अपनी नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कंटेंट क्रिएटर बनने का फैसला किया। उस साल उन्होंने 45।3 लाख रुपये कमाए, जो आईटी में उनकी कुल 35 लाख की सैलरी से कहीं ज़्यादा था। यह कमाई ब्रांड एजेंसियों के साथ पार्टनरशिप, एफिलिएट मार्केटिंग और ग्रुप ट्रिप आयोजित करने से हुई। इसके बाद 2025 में उन्होंने अपनी सबसे ज़्यादा कमाई की। उन्होंने एक ऐसी एजेंसी को छोड़ दिया जो उन्हें सही मौके नहीं दे रही थी, यूट्यूब-फेसबुक मॉनेटाइजेशन पर ध्यान दिया और अपने डिजिटल प्रोडक्ट्स बेचने शुरू किए। इससे उनकी कमाई बढ़कर 1।09 करोड़ रुपये हो गई। 2026 के पहले चार महीनों में ही वे 21।6 लाख रुपये कमा चुके हैं। हालांकि, दोनों ने वीडियो में यह भी साफ किया कि कंटेंट क्रिएशन एक 'सीज़नल इंडस्ट्री' है और इन आंकड़ों में उनके यात्रा या दूसरे ऑपरेशनल खर्चे शामिल नहीं हैं।
