Haldwani Medical College ragging case: कॉलेज हॉस्टल वार्डन से छात्रों के आचरण पर रिपोर्ट मांगी गई है और उसके बाद ही सभी परिस्थितियों पर विचार करते हुए आरोपी छात्रों को परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड दिया जाएगा।

Haldwani Medical College ragging case: राजकीय मेडिकल कॉलेज हलद्वानी प्रशासन ने एक छात्रावास से 10 छात्रों को निष्कासित कर दिया है। कथित तौर पर छात्रों को एक सप्ताह के लिए क्लासेज अटेंड करने से भी रोक दिया गया है। मामला रैंगिग की घटना से संबंधित है। हॉस्टल में जूनियर छात्रों की कथित तौर पर रैगिंग किये जाने की जानकारी मिली। यह घटना सेकंड ईयर एमबीबीएस हॉस्टल में घटित हुई।

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25,000 रुपये का जुर्माना

प्रिंसिपल डॉ अरुण जोशी के अनुसार उनमें से प्रत्येक पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। एक गार्ड द्वारा प्रशासन को रैंगिग की घटना की सूचना दिए जाने के तुरंत बाद अनुशासन समिति ने बैठक की। इसके बाद एंटी रैगिंग कमिटी द्वारा एक और बैठक बुलाई गई।

मार्च में भी रैंगिंग के मामले में 3 छात्र हुए थे निष्कासित

यह पहली बार नहीं है जब कॉलेज रैगिंग की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में है, इस साल मार्च में ऐसी ही एक घटना रिपोर्ट की गई थी। उस वक्त कॉलेज प्रशासन ने तीन छात्रों को निष्कासित कर दिया था। रैगिंग के लिए हॉस्टल से छह महीने के लिए निष्कासित किया गया था और उनमें से प्रत्येक पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

हाई कोर्ट ने दिये थे सख्त निर्देश

इस साल मार्च में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने राज्य और विश्वविद्यालय को निर्देश पारित किए हैं, जिसमें सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में रैगिंग पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती से नियम लागू करने के लिए कहा गया। साथ ही संस्थान या कॉलेज में रैगिंग गतिविधि की किसी भी घटना के लिए राज्य के सभी कॉलेजों/संस्थानों के प्रमुख को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

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