Types of Visa: अमेरिका ने इमिग्रेशन नियमों को सख्त करते हुए जनवरी 2025 से अब तक 80,000 से अधिक वीजा रद्द कर दिए हैं। H-1B वीजा इंटरव्यू भी अब मार्च 2026 तक टल गए है। इस बीच जानिए दुनिया में वीजा के कितने प्रकार होते हैं और कितनी संख्या है।

How Many Visa Types in World: अमेरिका ने इमिग्रेशन नियमों को सख्त करते हुए जनवरी से अब तक 80,000 से ज्यादा वीजा रद्द कर दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार यह कदम देश में हमले और चोरी जैसे अपराधों में शामिल लोगों पर कार्रवाई के तहत उठाया गया है। वहीं भारत में H-1B वर्क वीजा के लिए अपॉइंटमेंट लेने वाले हजारों लोगों के लिए भी बड़ी खबर आई है। US कॉन्सुलेट ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया चेक और नई सिक्योरिटी पॉलिसी की वजह से ज्यादातर इंटरव्यू अब मार्च 2026 तक के लिए आगे बढ़ा दिए गए हैं। जिन लोगों का इंटरव्यू दिसंबर 2025 में होना था, उन्हें भी अब अगले साल का इंतजार करना पड़ेगा। इस फैसले बीच जानिए पूरी दुनिया में वीजा की कितनी किस्में हैं और हर देश का वीजा सिस्टम अलग-अलग क्यों है?

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पूरी दुनिया में कितने तरह का वीजा होता है?

किसी भी देश में वीजा की गिनती तय नहीं होती। हर देश अपने हिसाब से नए वीजा बनाता है, पुराने बदलता है और अपने नियम खुद तय करता है। इसी वजह से दुनिया भर में वीजा की असल संख्या सैकड़ों तक पहुंच जाती है। लेकिन अच्छे से समझने के लिए इन्हें कुछ कॉमन कैटेगरी में रखा जाता है, जो लगभग हर देश में मिल जाती हैं। इसमें मुख्य वीजा प्रकार नीचे देखें-

  • टूरिस्ट या विजिटर वीजा: घूमने, रिश्तेदारों से मिलने या छोटी यात्रा के लिए।
  • बिजनेस वीजा: मीटिंग, कॉन्फ्रेंस या किसी आधिकारिक काम के लिए कुछ दिनों की एंट्री।
  • स्टूडेंट वीजा: किसी भी देश में पढ़ाई, रिसर्च या ट्रेनिंग करने के लिए।
  • वर्क या जॉब वीजा: नौकरी करने वाले लोग इसी कैटेगरी में आते हैं। H-1B भी इसी का हिस्सा है, जिस पर अभी सबसे ज्यादा सख्ती बढ़ाई गई है।
  • ट्रांजिट वीजा: किसी देश से होकर दूसरे देश जाते समय कुछ घंटों की अनुमति।
  • फैमिली या डिपेंडेंट वीजा: पति-पत्नी, बच्चे या परिवार के साथ रहने की मंजूरी।
  • स्थायी निवास, PR वीजा: किसी देश में लंबे समय तक बसने का रास्ता।
  • डिप्लोमैटिक वीजा: सरकारी अधिकारियों और दूतावास में काम करने वालों के लिए।
  • मेडिकल वीजा: इलाज, ऑपरेशन या किसी मेडिकल प्रोसीजर के लिए।
  • एक्सचेंज या वर्किंग-हॉलिडे वीजा: युवाओं के लिए एक्सचेंज प्रोग्राम, इंटर्नशिप या काम के साथ घूमने का मौका।
  • इन्वेस्टर या स्टार्टअप वीजा: जो लोग किसी देश में निवेश करना चाहते हैं या बिजनेस शुरू करना चाहते हैं।

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हर देश में वीजा का नाम अलग-अलग क्यों?

हर देश अपने नियम खुद बनाता है, इसलिए हर देश में वीजा का नाम अलग-अलग होता है। जैसे- अमेरिका में B, F, H, J, L जैसे कई लेटर कोड वाले वीजा हैं। भारत में टूरिस्ट से लेकर जर्नलिस्ट, फिल्म, कॉन्फ्रेंस जैसे कई सब-टाइप हैं। इन सब वजहों से दुनिया भर में वीजा की एक तय संख्या बताना मुश्किल हो जाता है। वीजा की कैटेगरी 10-12 ही होती हैं, लेकिन इनके अंदर मौजूद सब-टाइप सैकड़ों तक पहुंच जाते हैं।

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