Self Employed Driver India, Viral Video: क्या भारत में नौकरी छोड़कर गिग इकॉनमी नया रास्ता बन रही है? क्या एक कैब ड्राइवर 25 हजार की नौकरी से निकलकर 1 लाख रुपये तक कमा सकता है? क्या ऐसे लोग अब सिर्फ वर्कर नहीं बल्कि ‘गिग एंटरप्रेन्योर’ कहलाने लगे हैं? जानिए वायरल वीडियो ने इस बहस को फिर से कैसे तेज कर दिया है।
Indian Middle Class Story: भारत में गिग इकॉनमी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में एंटरप्रेन्येार आकाश गुप्ता द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में एक कैब ड्राइवर से बातचीत दिखाई गई है, जिसमें वह अपने काम और कमाई के अनुभव बताता है। वीडियो में ड्राइवर ने बताया कि वह पहले नौकरी करता था और उसकी मंथली सैलरी करीब 25 हजार रुपये थी। लेकिन इस आय से वह संतुष्ट नहीं था और उसे अपनी जरूरतें पूरी करने में कठिनाई होती थी।

25 हजार रुपए की नौकरी छोड़ी, ड्राइविंग से हो रही शानदार कमाई
ड्राइवर के मुताबिक, उसने नौकरी छोड़कर कैब चलाने का फैसला किया। इस बदलाव के बाद उसकी मासिक कमाई लगभग 1 लाख रुपये तक पहुंच गई। उसने कहा कि अब उसके पास समय पर ज्यादा नियंत्रण है और वह खुद तय कर सकता है कि उसे कब और कितना काम करना है। उसने यह भी बताया कि अब उसे किसी तय ऑफिस टाइम का पालन नहीं करना पड़ता, बल्कि वह अपनी सुविधा के हिसाब से काम करता है। इस स्वतंत्रता को उसने अपने लिए सबसे बड़ा फायदा बताया। नीचे देखें वायरल वीडियो-
‘गिग एंटरप्रेन्योर’ पर चर्चा
इस बातचीत पर प्रतिक्रिया देते हुए आकाश गुप्ता ने कहा कि ऐसे लोग सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि अपने स्तर पर छोटे उद्यमी यानी “गिग एंटरप्रेन्योर” हैं। उनके मुताबिक, जो लोग अपने संसाधनों और समय को खुद मैनेज करके कमाई कर रहे हैं, वे एक तरह से अपना छोटा बिजनेस चला रहे हैं।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कई यूजर्स ने गिग वर्कर्स की सराहना करते हुए लिखा कि ऐसे लोग सम्मान के हकदार हैं। कुछ ने इसे प्रेरणादायक बदलाव बताया। हालांकि, कुछ लोगों ने “एंटरप्रेन्योर” शब्द पर आपत्ति भी जताई। उनका कहना था कि सिर्फ खुद का काम करना या सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट को एंटरप्रेन्योरशिप नहीं कहा जा सकता। एक यूजर ने लिखा कि एंटरप्रेन्योरशिप का मतलब नए आइडिया या इनोवेशन से है, सिर्फ काम करने से नहीं।


