जनरल बिपिन रावत भारत के पहले सीडीएस थे। 8 दिसंबर, 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में एक सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका निधन हो गया था। तब से यह पद खाली था। 28 सितंबर, 2022 को रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को देश का दूसरा सीडीएस नियुक्त किया गया। 

करियर डेस्क : रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (Anil Chauhan) को देश का नया सीडीएस (CDS) यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया गया है। जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) के बाद वे दूसरे सीडीएस हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी गैर-सेना प्रमुख और रिटायर्ड अधिकारी को भारत का सीडीएस बनाया गया है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब सेना में इस तरह का बदलाव हुआ है। आजादी के बाद से ही कई तरह के संगठनात्मक और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किए गए हैं। आइए जानते हैं कौन करता है सीडीएस की नियुक्ति और सेना में अब तक हुए 10 बड़े बदलाव के बारें में..

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कौन करता है सीडीएस की नियुक्ति
सीडीएस की नियुक्ति की प्रक्रिया बेहद आसाना है। भारत की तीनों सेना यानी थल सेना (India Army), भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) और भारतीय नौसेना यानी जल सेना (India Navy) का कोई भी कमांडिंग ऑफिसर को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस बनाया जाता है। सैन्य अधिकारी की योग्यता उसके वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति का फैसला केंद्र सरकार लेती है।

सीडीएस कौन होता है
भारतीय सशस्त्र बलों के ऑफिसर्स में से एक होता है सीडीएस। यह फोर स्टार रैंक का अधिकारी होता है। सीडीएस तीनों सेना के प्रमुखों में 'फर्स्ट अमंग इक्वल्स' होता है। इस बार सीडीएस नियुक्ति के लिए रक्षा मंत्रालय ने जनवरी 2020 के बाद रिटायर्ड तीनों सेनाओं के प्रमुखों और कमांडर-इन-चीफ रैंक के अधिकारियों के नाम के साथ वर्तमान में सेवारत शीर्ष पांच अधिकारियों के नाम भी मांगें थे।

आजादी के बाद सेना में बड़े संगठनात्मक बदलाव

  • 2022- 28 सितंबर को रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को देश का नया सीडीएस नियुक्त किया गया है। वे केंद्र सरकार में सैन्य मामलों के सचिव के तौर पर भी काम कर चुके हैं। पहली बार किसी गैर-सेना प्रमुख और रिटायर्ड अधिकारी को सीडीएस बनाया गया है। 
  • 2019- चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस पद बनाया गया। 31 दिसंबर, 2019 को जनरल बिपिन रावत को देश का पहला सीडीएस नियुक्त किया गया था।
  • 2004- भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग का गठन किया गया।
  • 2004- रक्षा उत्पादन और आपूर्ति विभाग का नाम रक्षा उत्पादन विभाग किया गया।
  • 1980- देश में रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग बनाया गया।
  • 1965- रक्षा जरूरतो को पूरी करने के लिए रक्षा आपूर्ति विभाग बनाया गया।
  • 1962- रक्षा उपकरणों के अनुसंधान, विकास और उत्पादन के लिए रक्षा उत्पादन विभाग की स्थापना।
  • 1955-कमांडर-इन-चीफ का नाम बदलकर थल सेना अध्यक्ष, नौसेना अध्यक्ष और वायु सेना प्रमुख रखा गया।

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