Who is Panshul Bansal NEET UG Topper: NEET UG 2026 टॉपर पांशुल बंसल कौन हैं? री-एग्जाम की खबर से निराश होने के बाद 715 अंक के साथ AIR 1 हासिल करने की पूरी सफलता की कहानी जानिए।
Panshul Bansal NEET UG Topper Success Story: NEET UG 2026 Re Exam लाखों छात्रों के लिए तनाव और अनिश्चितता लेकर आया। लेकिन हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले पांशुल बंसल ने इस चुनौती को अलग नजरिए से देखा। पहले परीक्षा रद्द होने की खबर से वह कुछ समय के लिए जरूर निराश हुए, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और बिना घबराए उसी तैयारी पर भरोसा बनाए रखा, जिसने उन्हें पहले भी अच्छा प्रदर्शन कराया था। यही आत्मविश्वास आखिरकार उन्हें 715/720 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 तक ले गया। बता दें कि नीट री एग्जाम रिजल्ट 2026 में पंजाब, लुधियाना के आर्यन गुप्ता और हरियाणा, फरीदाबाद पांशुल बंसल संयुक्त रूप से टॉपर बने हैं। जानिए कौन हैं पांशुल बंसल, उनकी नीट यूजी प्रिपरेशन स्ट्रेटजी समेत डिटेल।
NEET Re Exam के लिए स्ट्रेटजी नहीं बदली, सिर्फ लगातार मेहनत जारी रखी
नीट री-एग्जाम की घोषणा के बाद कई छात्रों ने अपनी पूरी तैयारी बदल दी, लेकिन पांशुल ने ऐसा नहीं किया। उनका मानना था कि अगर पहले की स्ट्रेटजी सही थी तो उसे बदलने की जरूरत नहीं है। उन्होंने रोजाना तय समय पर पढ़ाई की, बीच-बीच में आराम किया और हर स्टडी सेशन को पूरी एकाग्रता से पूरा किया। उनके लिए पढ़ाई के घंटों से ज्यादा मायने उसकी क्वालिटी रखती थी।
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टॉपर बनने के लिए सिर्फ किताबें नहीं, संतुलित जीवन भी जरूरी
पांशुल बंसल की सफलता की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने खुद को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा। खाली समय में वह टेक्नोलॉजी और गेमिंग से जुड़े वीडियो देखते थे, पियानो बजाते थे, रुबिक क्यूब सॉल्व करते थे, बैडमिंटन खेलते थे और स्केटिंग भी करते थे। उनका मानना है कि अगर समय का सही प्रबंधन किया जाए तो पढ़ाई और शौक दोनों के लिए पर्याप्त समय निकाला जा सकता है। यही संतुलन उन्हें मानसिक रूप से तरोताजा रखता था।
बचपन से डॉक्टर बनने का सपना, परिवार ने नहीं बनाया दबाव
पांशुल बंसल ऐसे परिवार से नहीं आते जहां मेडिकल प्रोफेशन की परंपरा हो। उनके पिता संजीव कुमार बंसल व्यवसायी हैं और नेवल इंजीनियरिंग बैकग्राउंड रखते हैं, जबकि उनकी मां मोनिका बंसल कंपनी सेक्रेटरी हैं। डॉक्टर बनने का फैसला पूरी तरह पांशुल का अपना था। अब उनका लक्ष्य AIIMS दिल्ली से MBBS करने के बाद सर्जरी के क्षेत्र में आगे बढ़ना है और भविष्य में कार्डियोलॉजी या ऑर्थोपेडिक्स जैसी सुपर स्पेशियलिटी चुनना चाहते हैं।
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परिवार ने दिया भरोसा, दबाव नहीं
पहले नीट एग्जाम में पंशुल बंसल के 696 नंबर आए थे, लेकिन पेपर लीक के कारण वो परीक्षा रद्द कर दी गई थी। री-एग्जाम की खबर आने पर पांशुल भावुक होकर रो पड़े थे, लेकिन परिवार ने उन्हें केवल एक बात समझाई, घबराने से कुछ नहीं बदलेगा। पिता ने उन्हें लगातार अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी, जबकि मां ने पूरे समय सकारात्मक माहौल बनाए रखा। परिवार का यही सहयोग उनकी तैयारी की सबसे बड़ी ताकत बना।
NEET Aspirants के लिए पांशुल बंसल का संदेश
पांशुल बंसल का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लगातार मेहनत, अनुशासन और खुद पर भरोसा ही सबसे बड़ा हथियार है। उनका कहना है कि दूसरे छात्रों से तुलना करने के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहिए। उनका सफर बताता है कि मुश्किल हालात आने पर रणनीति बदलने से ज्यादा जरूरी है आत्मविश्वास बनाए रखना। यही सोच उन्हें देश के सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में टॉप रैंक तक लेकर पहुंची।
