कोरोना वायरस का कहर देशभर में जारी है। खासकर महाराष्ट्र और मुंबई में तो ये सबसे ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। कोरोना वायरस के चलते ही फिल्मों की शूटिंग पूरी तरह से रुकी हुई है। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने कुछ हिस्सों में लॉकडाउन के बावजूद लोगों को राहत देना शुरू किया है। हाल ही में खबर आई थी कि जॉन अब्राहम और शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर की फिल्म 'मुंबई सागा की शूटिंग हैदराबाद रामोजी फिल्म सिटी में जुलाई से शुरू होने वाली है। हालांकि श्रद्धा के पिता नहीं चाहते कि उनकी बेटी इन हालातों में शूटिंग ज्वॉइन करे।  

मुंबई। कोरोना वायरस का कहर देशभर में जारी है। खासकर महाराष्ट्र और मुंबई में तो ये सबसे ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। कोरोना वायरस के चलते ही फिल्मों की शूटिंग पूरी तरह से रुकी हुई है। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने कुछ हिस्सों में लॉकडाउन के बावजूद लोगों को राहत देना शुरू किया है। हाल ही में खबर आई थी कि जॉन अब्राहम और शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर की फिल्म 'मुंबई सागा की शूटिंग हैदराबाद रामोजी फिल्म सिटी में जुलाई से शुरू होने वाली है। हालांकि श्रद्धा के पिता नहीं चाहते कि उनकी बेटी इन हालातों में शूटिंग ज्वॉइन करे।

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दरअसल, कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण की वजह से श्रद्धा के पापा शक्ति कपूर उन्हें काम शुरू करने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। एक इंटरव्यू के दौरान शक्ति कपूर ने कहा, मैं बाहर जाकर काम नहीं करूंगा और न ही बेटी श्रद्धा को फिर से काम करने की इजाजत दूंगा। मुझे नहीं लगता कि कोरोना का खतरा टल गया है। मुझे लगता है कि अभी तो सबसे बुरा दौर आना बाकी है। मैं किसी भी कीमत पर बच्चों को बाहर नहीं निकलने दूंगा। 

शक्ति कपूर ने कहा, मैं जानता हूं कि हर किसी के लिए काम बेहद जरूरी है, लेकिन किसी की जिंदगी दांव पर लगाकर नहीं। अगर अब शूटिंग शुरू हो जाएगी तो यह बेहद खतरनाक हो सकता है। मैं लोगों से कहता हूं कि अस्पताल के बिल्स का पेमेंट करने से तो अच्छा है कि हम घर पर ही रहें।

शक्ति कपूर के मुताबिक, कोरोना के चलते हालात बद से बदतर हैं। एक तो अस्पतालों में बेड नहीं हैं और अगर किसी तरह इलाज हो भी रहा है तो वो बेहद ज्यादा फीस ले रहे हैं। 

शक्ति कपूर के मुताबिक, कुछ दिनों पहले एक खबर आई थी एक शख्स को अस्पताल में उसके बेड से इसलिए बांध कर रखा गया था क्योंकि वह पैसे नहीं चुका पा रहा था। लोगों में कोई मानवता नहीं बची है।