छत्तीसगढ़ से ऐसी एक गर्व से सीना चौड़ा कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां नक्सलियों से लड़ने वाली महिला कमांडों जवानों के लिए भी सुरक्षित रास्ता बना रही हैं। इस दौरान उन्होंने 10 किलो का आईईडी बम डिफ्यूज किया। 

रायपुर. बढ़ते भारत में अब महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। वह हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। छत्तीसगढ़ से ऐसी एक गर्व से सीना चौड़ा कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां नक्सलियों से लड़ने वाली महिला कमांडों जवानों के लिए भी सुरक्षित रास्ता बना रही हैं। इस दौरान उन्होंने 10 किलो का आईईडी बम डिफ्यूज किया। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन लेडी कमांडो लक्ष्मी कश्यप और विमला मण्डावी से बातचीत कर उनको साहस को सलाम करते हुए उनकी जमकर तारीफ की।

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ऐसा पहली बार है जब लेडी कमांडो ने किया बम डिफ्यूज
दरअसल, दंतेवाड़ा में दो दिन पहले यानि 6 अक्टूबर को कटे कल्याण क्षेत्र के रास्ते में 10 किलो का आईईडी बम लगे होने की खबर मिली थी। डीआरजी की यह दो महिला कमांडो लक्ष्मी कश्यप और विमला मण्डावी मौके पर पहुंची और आईईडी बम को डिफ्यूज किया। बता दें कि ऐसा पहली बार है जब दंतेवाड़ा में किसी दो महिला कमांडो ने बम को सफलता पूर्वक डिफ्यूज किया।

जानपर खेलकर डिफ्यूज किया बम
इन दोनों फाइटर्स की तारीफ करते हुए सीएम बघेल ने कहा-दोनों महिला कमांडों ने जो साहस वाला काम किया हम उनको सलाम करते हैं। जिस तरह से अपनी जान पर खेलकर यह काम किया वह तारीफे काबिल है। नक्सल एरिया में पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान नक्सल मोर्चे पर काम कर रहे हैं। जल्द ही बस्तर में सफलता मिलेगी।

एसपी ने कमांडो को चेक देकर सम्मानित किया
बता दें कि महिला कांस्टेबल विमला कवासी नक्सलियों के साथ हुई कई मुठभेड़ में भी शामिल रह चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने बम डिफ्यूज करने की ट्रेनिंग भी ली है। बस्तर एसपी ने दोनों कमांडो को चेक देकर सम्मानित किया। साथ ही उनके जज्बे को भी सलाम किया।