आमिर खान ने जाकिर खान के पॉडकास्ट में फिल्मों, पैसे और क्रिएटिविटी पर ऐसी बात कही, जो सबका ध्यान खींच रही है। खासकर हिंदू देवियों को लेकर उन्होंने जो कहा, वह चर्चा में बना हुआ है। आमिर के मुताबिक कहानी और कला के प्रति ईमानदारी हो, तो पैसा अपने आप आएगा। ‘लगान’ जैसी मूवी का उदाहरण देकर आमिर ने बताया कि उन्होंने सिर्फ मार्केट देखकर फिल्में नहीं चुनीं।

मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान हाल ही में स्टैंडअप जाकिर खान के पॉडकास्ट ‘तफसील से बातें’ में पहुंचे। यहां उन्होंने फिल्मों और पैसे को लेकर अपनी सोच से हर किसी का ध्यान खींच लिया। बातचीत के दौरान जब जाकिर ने पूछा कि क्या वह फिल्मों में निवेश करते वक्त दिल की सुनते हैं या नंबरों की, तो आमिर ने बेहद अलग जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सिनेमा को सिर्फ बिजनेस की तरह नहीं देखा जा सकता। आमिर के मुताबिक, फिल्मों में पहले सरस्वती यानी क्रिएटिविटी का सम्मान होना चाहिए, तभी लक्ष्मी यानी पैसा पीछे-पीछे आता है। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है।

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आमिर खान बोले- मैं बिजनेसमैन नहीं हूं

पॉडकास्ट में आमिर खान ने कहा कि उन्होंने फ़िल्में कभी सिर्फ मार्केट ट्रेंड देखकर नहीं चुना। उन्होंने ‘तारे ज़मीन पर’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए बताया कि शुरुआत में लोगों ने इन फिल्मों पर सवाल उठाए थे। आमिर कहते हैं, "जब ‘तारे ज़मीन पर’ मेरे पास आई, तब लोगों ने पूछा कि डिस्लेक्सिया और एक बच्चे पर बनी फिल्म कौन देखेगा?" वहीं ‘लगान’ को लेकर भी वह डरे हुए थे, क्योंकि उसकी कहानी हिंदी सिनेमा के लिए बिल्कुल अलग थी।

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आमिर खान ने हिंदू देवियों को लेकर क्या कहा?

बातचीत के दौरान जाकिर खान ने पूछा, “आप दिल से फैसला लेते हैं या पैसा देखकर?” इस पर आमिर ने जवाब दिया, “मैं बिजनेसमैन नहीं हूं…मैंने जब अपनी कंपनी शुरू की तो यह नहीं सोचा कि यह आइडिया अच्छा है, इस पर पैसे बनेंगे।मैंने सोचा कि यार यह कहानी मुझे पसंद है और मुझे बनानी है। देखा जाएगा कि क्या होगा।अगर पैसे टूटेंगे तो टूटेंगे।” इसके बाद उन्होंने कहा कि फिल्मों में सरस्वती यानी रचनात्मकता का महत्व होना चाहिए। बकौल आमिर, "मेरा यह स्ट्रॉन्गली मानना है कि जब हम सिनेमा में काम करते हैं तो हमको पूजा करनी है सरस्वती की, लक्ष्मी की नहीं। जब आप बिजनेस में होते हैं तो आपके लिए लक्ष्मी बहुत इम्पोर्टेंट है, लेकिन इस इंडस्ट्री में जो क्रिएटिव फील्ड है, इसमें अगर आप लक्ष्मी के बारे में सोचेंगे तो आप गलत हो जाएंगे। ये मेरा मानना है। आप सरस्वती की पूजा करिए। डेडिकेशन और साधना से फिल्म बनाइए...उसके साथ लक्ष्मी आ जाएगी।

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सोशल मीडिया पर छाया आमिर का बयान

आमिर खान का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग उनकी सोच को ‘टाइमलेस सिनेमा’ का राज बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि आज के दौर में सिर्फ क्रिएटिविटी के भरोसे फिल्म इंडस्ट्री चलाना आसान नहीं है। खास बात यह है कि बॉलीवुड के सबसे बड़े मुस्लिम सुपरस्टार्स में शामिल आमिर ने ‘सरस्वती’ और ‘लक्ष्मी’ का जिक्र बेहद सहज तरीके से किया, जिसने लोगों का ध्यान और ज्यादा खींचा। फैंस अब इस बातचीत को सिर्फ एक इंटरव्यू नहीं, बल्कि फिल्ममेकिंग पर एक गहरी सीख बता रहे हैं।