आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर 'अल्फा' शानदार एक्शन, बड़े विजुअल्स और दमदार प्रोडक्शन वैल्यू के बावजूद कहानी और इमोशनल कनेक्ट में कमजोर पड़ती है। पढ़ें अल्फा रिव्यू।
YRF Spy Universe की पहली फीमेल-लीड स्पाई फिल्म 'अल्फा' बड़े पैमाने, शानदार एक्शन और हाई-ऑक्टेन विजुअल्स के साथ सिनेमाघरों में पहुंची है। शिव रवैल के निर्देशन में बनी इस फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। हालांकि, फिल्म का तकनीकी स्तर मजबूत होने के बावजूद इसकी कहानी, इमोशनल कनेक्ट और स्क्रीनप्ले उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरते। अलिया भट्ट, शरवरी वाघ, बॉबी देओल और अनिल कपूर जैसे सितारों से सजी यह फिल्म कई जगह प्रभावित करती है, लेकिन एक मजबूत स्पाई थ्रिलर बनने से चूक जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर 'Alpha' कैसी है।

क्या है 'Alpha' की कहानी?
'अल्फा' दो महिला असैसिन की कहानी है, जो एक खतरनाक मिशन के दौरान एक रहस्यमयी दुश्मन का सामना करती हैं। कहानी में पाकिस्तान एंगल, देशभक्ति, स्पाई मिशन और बड़े ट्विस्ट जोड़ने की कोशिश की गई है। हालांकि कहानी का मूल विचार दिलचस्प है, लेकिन स्क्रीनप्ले में इमोशनल डेप्थ की कमी महसूस होती है। कई घटनाएं भव्य जरूर लगती हैं, लेकिन दर्शक उनसे पूरी तरह जुड़ नहीं पाते।
यह भी पढ़ें : Baby Do Die Do Review: बिना डायलॉग बोले छा गईं हुमा कुरैशी, ज़ोरदार झटका देता है क्लाइमैक्स
'Alpha' की स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस कैसा है?
आलिया भट्ट अपने किरदार में पूरी मेहनत करती नजर आती हैं, लेकिन एक्शन स्पाई एजेंट के रूप में उनकी कास्टिंग पूरी तरह प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं होती। शरवरी का किरदार सीमित दायरे में नजर आता है और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का ज्यादा मौका नहीं मिलता। बॉबी देओल अपने शांत लेकिन प्रभावी विलेन अवतार से फिल्म में अलग पहचान बनाते हैं। अनिल कपूर भी अपने अनुभव के दम पर मजबूत एक्टिंग करते हैं। फिल्म में ऋतिक रोशन का कैमियो है, लेकिन यह कहानी में कोई बड़ा प्रभाव नहीं छोड़ता।
शिव रवैल का डायरेक्शन कैसा है?
निर्देशक शिव रवैल ने बड़े कैनवास पर एक इंटरनेशनल स्पाई फिल्म बनाने की कोशिश की है। एक्शन सीक्वेंस, लोकेशन और विजुअल ट्रीटमेंट प्रभावशाली हैं। लेकिन कहानी को जिस भावनात्मक मजबूती और भारतीय संदर्भ की जरूरत थी, वह पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती। कई हिस्सों में फिल्म का ट्रीटमेंट पश्चिमी स्पाई फिल्मों जैसा महसूस होता है, जिससे स्थानीय जुड़ाव कमजोर पड़ता है।
कैसा है 'अल्फा' का म्यूजिक,टेक्निकल फ्रंट कैसा?
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कई एक्शन सीक्वेंस को बेहतर बनाता है और बड़े पर्दे पर अच्छा असर छोड़ता है। हालांकि, ऐसा कोई गाना या संगीत नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद लंबे समय तक याद रह जाए। म्यूजिक कहानी का साथ देता है, लेकिन उसे नई ऊंचाई नहीं देता। अगर सिर्फ तकनीकी पक्ष की बात करें तो Alpha काफी मजबूत फिल्म है। सिनेमैटोग्राफी शानदार है। एक्शन को बड़े पैमाने पर फिल्माया गया है। विजुअल इफेक्ट्स और प्रोडक्शन डिजाइन प्रभावशाली हैं। एडिटिंग ज्यादातर हिस्सों में संतुलित है।
यह भी पढ़ें : 'वेलकम टू द जंगल' बनी साल की चौथी सबसे कमाऊ बॉलीवुड फिल्म, 7 दिन में इस मूवी को छोड़ा पीछे
क्यों देखें 'Alpha'?
बड़े पैमाने के स्टाइलिश एक्शन और बॉबी देओल और अनिल कपूर के शानदार प्रदर्शन के लिए यह फिल्म देखी जा सकती है। बाकी आप चाहें तो OTT पर आने का इंतज़ार कर सकते हैं। हमारी ओर से इस फिल्म को 5 में से 1.5 स्टार।
