BMC और भामला फाउंडेशन ने बेटियों के सशक्तिकरण के लिए ‘सुपरगर्ल्स ऑफ टुमॉरो’ अभियान शुरू किया। इस मौके पर अभिनेत्री रानी मुखर्जी को सिनेमा के जरिए महिला सशक्तिकरण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। रानी जल्द मर्दानी 3 में नजर आएंगी।

इस क्रिसमस, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने भामला फाउंडेशन के सहयोग से भारत की बेटियों को सशक्त और शिक्षित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान ‘सुपरगर्ल्स ऑफ टुमॉरो’ की शुरुआत की है।

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इस पहल का नेतृत्व भामला फाउंडेशन के संस्थापक आसिफ भामला कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य समाज में बेटियों की भूमिका को मजबूत करना और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

रानी मुखर्जी को मिला ‘एक्सीलेंस इन वूमन एम्पावरमेंट थ्रू सिनेमा अवॉर्ड’

इस अभियान के तहत भामला फाउंडेशन ने अभिनेत्री रानी मुखर्जी को सिनेमा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘एक्सीलेंस इन वूमन एम्पावरमेंट थ्रू सिनेमा अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके उस सिनेमा के लिए दिया गया है, जिसने महिलाओं को आत्मनिर्भर, साहसी और सशक्त रूप में प्रस्तुत किया।

30 साल का शानदार करियर और रूढ़ियों को तोड़ने वाली भूमिकाएं

भारतीय फिल्म उद्योग में 30 वर्षों का सफल सफर तय कर चुकीं रानी मुखर्जी न सिर्फ एक लोकप्रिय अभिनेत्री हैं, बल्कि एक ट्रेलब्लेज़र भी हैं। उन्होंने अपने किरदारों के जरिए हमेशा रूढ़ियों को तोड़ा और महिलाओं की गरिमा, समानता और सम्मान की आवाज़ बुलंद की। फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ में उनके दमदार अभिनय को इस वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसने भारतीय सिनेमा की महान अभिनेत्रियों में उनके स्थान को और मजबूत किया।

आधुनिक भारतीय महिला की पहचान बना रानी मुखर्जी का सिनेमा

रानी मुखर्जी का फिल्मी सफर ब्लैक, नो वन किल्ड जेसिका, मर्दानी फ्रैंचाइज़ी, युवा, बंटी और बबली, साथिया, हम तुम, वीर-जारा, हिचकी और मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे जैसी प्रभावशाली फिल्मों तक फैला है। उनके किरदारों ने महिलाओं को हमेशा मजबूत, स्वतंत्र और निडर रूप में प्रस्तुत किया है और समाज में महिलाओं को देखने के नजरिए को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सम्मान स्वीकार करते हुए रानी मुखर्जी का प्रेरक संदेश

यह सम्मान स्वीकार करते हुए रानी मुखर्जी ने कहा कि ‘सुपरगर्ल्स ऑफ टुमॉरो’ जैसे अभियान एक अधिक समान और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें ऐसे महिला किरदार निभाने का अवसर मिला, जो पितृसत्ता को चुनौती देते हैं, रूढ़ियों को तोड़ते हैं और महिलाओं को बदलाव की वाहक के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

रानी मुखर्जी ने यह भी कहा कि सिनेमा में समाज की सोच बदलने की ताकत होती है और उनका काम हमेशा महिलाओं को सशक्त व्यक्तित्व के रूप में दिखाने का प्रयास करता रहा है। उन्होंने कहा कि बेटियां देश की रीढ़ हैं और हर बेटी का जश्न मनाया जाना चाहिए।

मर्दानी 3 में फिर दिखेंगी निडर पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय

रानी मुखर्जी जल्द ही फिल्म ‘मर्दानी 3’ में अपनी आइकॉनिक भूमिका शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में नजर आएंगी। यह फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होगी। मर्दानी भारत की एकमात्र हिट महिला-प्रधान फ्रैंचाइज़ी है, जिसने रोमांचक कहानी के साथ-साथ एक मजबूत सामाजिक संदेश भी दिया है।