क्या आप जानते हैं भारत की पहली A-रेटेड फिल्म कौन-सी थी? आखिर 16 साल की मधुबाला की फिल्म को सेंसर बोर्ड ने सिर्फ बड़ों के लिए क्यों घोषित किया था? क्या घरेलू हिंसा और महिलाओं के अधिकारों पर बनी कहानी उस दौर से बहुत आगे थी? क्यों मचा था देशभर में विवाद? जानिए 75 साल पुरानी उस फिल्म की पूरी कहानी जिसने भारतीय सिनेमा का इतिहास बदल दिया।
आज के दौर में A-रेटेड फिल्मों और वेब सीरीज का चलन आम हो चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की पहली A-रेटेड फिल्म कौन-सी थी? यह अचीवमेंट साल 1950 में रिलीज हुई 'हंसते आंसू' के नाम दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस मधुबाला मुख्य भूमिका में थीं और उस समय उनकी उम्र सिर्फ 16 साल थी। पारिवारिक कॉमेडी-ड्रामा के रूप में बनाई गई इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने एडल्ट्स यानी 18 साल या उससे बड़े दर्शकों के लायक माना। घरेलू हिंसा, महिलाओं के अधिकार और सामाजिक मुद्दों पर आधारित इसकी कहानी ने उस दौर में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।

भारत की पहली A-रेटेड फिल्म बनी 'हंसते आंसू'
साल 1950 में रिलीज हुई 'हंसते आंसू' भारतीय सिनेमा की पहली फिल्म मानी जाती है जिसे सेंसर बोर्ड ने A सर्टिफिकेट दिया था। फिल्म का निर्देशन के.बी. लाल ने किया था। इसकी घोषणा 1949 में की गई थी और शुरुआत में इसे एक फैमिली कॉमेडी-ड्रामा के रूप में पेश किया गया था। हालांकि सेंसर बोर्ड की समीक्षा के बाद फिल्म को एडल्ट्स ऑडियंस के लिए उपयुक्त माना गया और इसे A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया।
यह भी पढ़ें : 'कॉकटेल 2' को CBFC से कौन-सा सर्टिफिकेट मिला? कितनी लंबी है शाहिद-कृति-रश्मिका की फिल्म
16 साल की मधुबाला थीं फिल्म की हीरोइन
फिल्म में मधुबाला ने मुख्य भूमिका निभाई थी। उस समय उनकी उम्र मात्र 16 वर्ष थी। उनके साथ मोतीलाल, गोप और मनोरमा जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। कम उम्र में मधुबाला द्वारा निभाया गया यह किरदार उस दौर के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण माना गया था।
'हंसते आंसू' को आखिर क्यों मिला था A सर्टिफिकेट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, फिल्म में घरेलू हिंसा, वैवाहिक उत्पीड़न और कुछ ऐसे संवाद शामिल थे जिन्हें सेंसर बोर्ड ने एडल्ट कंटेंट की कैटेगरी में रखा। इसके अलावा फिल्म के टाइटल और कुछ प्रेजेंटेशन को लेकर भी आपत्तियां सामने आई थीं। इन्हीं कारणों से 'हंसते आंसू' भारत की पहली A-रेटेड फिल्म बन गई।
यह भी पढ़ें : 'सलमान खान केस' पर बनी 'काला हिरण' कर क्यों पछता रहे गोविंद नामदेव! खुद बताई फिल्म करने की वजह
क्या थी 'हंसते आंसू' की कहानी
फिल्म की कहानी उषा नाम की एक महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार मधुबाला ने निभाया था। उषा अपने पति कुमार के अत्याचारों का सामना करती है और बाद में घर छोड़कर महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष शुरू करती है। फिल्म में उषा को एक फैक्ट्री में काम करते हुए भी दिखाया गया था। उस समय कई लोगों ने इसे पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे महिलाओं की आवाज उठाने वाली प्रगतिशील फिल्म माना। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी।
