200 करोड़ कमाने वाली Peddi पर आखिर इतना बवाल क्यों मचा? जान्हवी कपूर के सीन्स को लेकर सोशल मीडिया क्यों भड़का? डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना को माफी क्यों मांगनी पड़ी? गीतकार अनंता श्रीराम ने क्रिएटिव फ्रीडम की लड़ाई क्यों छेड़ दी? क्या 'पेद्दी' का विवाद फिल्म की सफलता पर असर डालेगा या बॉक्स ऑफिस पर इसका दबदबा यूं ही जारी रहेगा?
राम चरण और जान्हवी कपूर स्टारर स्पोर्ट्स-एक्शन ड्रामा ‘पेद्दी’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और भारत में 200 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर चुकी है। हालांकि फिल्म की सफलता के बीच जान्हवी कपूर के किरदार अचियम्मा के प्रेजेंटेशन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। सोशल मीडिया पर फिल्म के कुछ सीन्स को लेकर ऑब्जेक्टिफिकेशन और सहमति (कंसेंट) से जुड़े सवाल उठाए गए थे। आलोचनाओं के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बदलाव का आश्वासन दिया था। अब फिल्म के गीतकार अनंता श्रीराम ने डायरेक्टर की माफी पर अपनी असहमति जताते हुए क्रिएटिव फ्रीडम का मुद्दा उठाया है।

200 करोड़ क्लब में पहुंची ‘पेद्दी’, लेकिन विवाद बरकरार
बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए हुए ‘पेद्दी’ लगातार शानदार कमाई कर रही है। फिल्म भारत में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर बहस जारी है। खास तौर पर जान्हवी कपूर के किरदार अचियम्मा की प्रेजेंटेशन को लेकर बहस अब भी जारी है। विवाद फिल्म के रोमांटिक ट्रैक से जुड़ा है। कुछ दर्शकों का आरोप है कि फिल्म के कुछ सीन रोमांस और सहमति की हद को पार करते हैं। आलोचकों ने उन सीन्स पर सवाल उठाए, जिनमें नायक अचियम्मा की अनिच्छा के बावजूद उसके प्रति आकर्षण जताता है। एक सीन, जिसमें बिजली जाने के दौरान बिना सहमति के Kiss दिखाया गया है, सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना। कई यूजर्स ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए सवाल उठाया कि अगर यही काम फिल्म का खलनायक करता तो उसकी प्रेजेंटेशन अलग क्यों होती।
डायरेक्टर की माफी पर क्या बोले अनंता श्रीराम?
फिल्म की सक्सेस मीट के दौरान जब डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना की माफी का जिक्र हुआ तो गीतकार अनंता श्रीराम ने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “एक किरदार उसी तरह व्यवहार करता है, जैसी डायरेक्टर की कल्पना होती है। वह उसी कल्पना से पैदा हुआ चरित्र है। आज यह सोच बढ़ती जा रही है कि सिर्फ अंग्रेजी बोलने वाले, पीएचडी और ग्रेजुएट लोगों की सोच ही सही है। सोशल मीडिया पर जो लोग लगातार राय दे रहे हैं और ट्रोलिंग कर रहे हैं, उनका प्रभाव बढ़ता जा रहा है। अगर डायरेक्टर को इस तरह अपने पात्रों को गढ़ने की आजादी भी नहीं मिलेगी, तो फिर हमने रचनात्मकता के लिए क्या बचाया है?”
‘भाषा बदलते ही नजरिया क्यों बदल जाता है?’
अनंता श्रीराम ने आगे कहा कि कई बार एक ही भाव को अलग भाषा और शैली में प्रस्तुत करने पर लोगों की प्रतिक्रिया बदल जाती है। उन्होंने कहा, “अगर आप बड़े-बड़े शब्दों में ‘वाइटल अट्रैक्शन’ या ‘हार्मोनल रिएक्शन’ जैसी बातें कहें तो उसे कलात्मक और शानदार माना जाता है। लेकिन अगर कोई आदिवासी पृष्ठभूमि वाला किरदार अपनी भाषा में कहता है कि ‘मैं तुम्हें छूना चाहता हूं’, तो उसे अश्लील बता दिया जाता है। फिर कहा जाता है कि उसने महिला को एक वस्तु की तरह देखा। ऐसा करना रचनात्मकता को कुचलने जैसा है।”
बुच्ची बाबू सना ने क्यों मांगी थी माफी?
विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने कहा था, “हमने ‘पेद्दी’ के कुछ सीन्स को लेकर मिले फीडबैक को गंभीरता से लिया है।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया था कि जिन हिस्सों से दर्शकों को असहजता हुई है, उनमें जरूरी बदलाव किए जाएंगे। अनंता श्रीराम का मानना है कि डायरेक्टर ने यह माफी विनम्रता और किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाने की भावना से दी होगी, लेकिन लगातार ऐसे दबाव बढ़ने से कमर्शियल फिल्मों में गंभीर मुद्दों को उठाना मुश्किल हो सकता है। बता दें कि ‘पेद्दी’ में राम चरण और जान्हवी कपूर के अलावा शिव राजकुमार, दिव्येंदु और बोमन ईरानी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
