पंकज कपूर ने NSD के दिनों को याद करते हुए खुलासा किया कि 10 साल के शाहरुख खान कलाकारों को समोसे पहुंचाते थे, क्योंकि उनके पिता NSD की कैंटीन चलाते थे।
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान आज भले ही दुनिया के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिने जाते हों, लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इन दिनों चर्चा में है। दिग्गज एक्टर पंकज कपूर ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि एक समय ऐसा था जब 10 साल के शाहरुख खान थिएटर कलाकारों को समोसे पहुंचाया करते थे। इसकी वजह यह थी कि उनके पिता NSD की कैंटीन चलाते थे। पंकज कपूर ने यह भी बताया कि कैसे थिएटर के दिनों में कलाकार मंच पर मिलने वाली नान बचाकर इंटरवल में समोसे और चाय के साथ उसका आनंद लिया करते थे।

50 साल बाद ताजा हुईं NSD की यादें
हाल ही में पंकज कपूर ने किंडल कास्ट के यूट्यूब चैनल पर बताया कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई पूरी किए उन्हें 50 साल हो चुके हैं। उन्होंने थिएटर के शुरुआती दिनों की यादें शेयर कीं, जहां मशहूर रंगकर्मी इब्राहिम अल्काज़ी के साथ काम करने के अनुभव फिर से ताजा हो गए। पंकज कपूर ने बताया कि उस दौर में इब्राहिम अल्काज़ी दिल्ली के पुराना किला में एक साथ तीन बड़े नाटक‘रज़िया सुल्तान’, ‘तुगलक’ और ‘अंधा युग’ निर्देशित कर रहे थे। पहले साल के छात्र होने के नाते पंकज और उनके साथियों को ‘रज़िया सुल्तान’ में छोटे-छोटे किरदार मिले थे। एक सीन में उन्हें भूखे नागरिकों की भूमिका निभानी थी, जबकि उनके दो साथी सैनिक बने थे।
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नान से शुरू हुई समोसा पार्टी
नाटक के एक सीन में सैनिकों को भीड़ की तरफ नान फेंकनी होती थी। पंकज कपूर और उनके दोस्तों ने इसे एक अनोखे तरीके से इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, "हमने दोस्तों की एक टीम बना ली थी। वे हमारी तरफ नान फेंकते थे, हम उन्हें पकड़ लेते थे और इंटरवल में समोसे खरीदकर बैकस्टेज ले जाते थे। फिर नान, समोसा और चाय का मजा लेते थे।" हालांकि बाद में इब्राहिम अल्काज़ी को इस चाल का पता चल गया और उन्होंने छात्रों को मंचन में बदलाव करने के लिए डांट भी लगाई।
जब 10 साल के शाहरुख खान पहुंचाते थे समोसे
इस पूरे किस्से का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब सामने आया जब पंकज कपूर ने बताया कि उन समोसों को पहुंचाने वाला बच्चा आज बॉलीवुड का सबसे बड़ा सुपरस्टार है। उन्होंने कहा, “वे समोसे हमें और कोई नहीं बल्कि शाहरुख खान पहुंचाते थे। उस समय वह करीब 10 साल के थे। उनके पिता वहां की कैंटीन चलाते थे।”
शाहरुख खान भी शेयर कर चुके NSD से जुड़ा किस्सा
साल 2016 में एक इंटरव्यू के दौरान शाहरुख खान ने भी NSD से अपने जुड़ाव के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था, "मैं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का छात्र नहीं था, लेकिन वहां के कई कलाकारों के साथ काम करता था। मेरे पिता NSD की कैंटीन चलाते थे, इसलिए मुझे वहां के शानदार कलाकारों को करीब से जानने और उनसे सीखने का मौका मिला।" शाहरुख ने बताया था कि दिल्ली थिएटर सर्किट में काम करते समय NSD के कलाकारों ने उनकी भाषा, उच्चारण और अभिनय कौशल को निखारने में काफी मदद की। शाहरुख़ खान इन दिनों किंग की शूटिंग में व्यस्त हैं, जो इसी साल दिसंबर में क्रिसमस वाले हफ्ते में रिलीज होगी।
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बात पंकज कपूर की करें तो NSD से निकलने के बाद उन्होंने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने ‘जाने भी दो यारों’, ‘एक डॉक्टर की मौत’, ‘मकबूल’ और ‘द ब्लू अम्ब्रेला’ जैसी चर्चित फिल्मों में काम किया। वहीं ‘करमचंद’ और ‘ऑफिस ऑफिस’ जैसे टीवी शो आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।
