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अनलॉक-1 के बाद कोरोना के एक दिन में सबसे ज्यादा 8909 केस, लेकिन मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा भी बढ़ा
नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच देश में लॉकडाउन को खत्म कर 1 जून से अनलॉक 1 की शुरुआत हुई। इस बीच 24 घंटे में कोरोना के सबसे ज्यादा 8909 केस सामने आए हैं। हालांकि खुशी की खबर यह है कि भारत में डेथ रेट अन्य देशों की तुलना में कम है। वहीं रिकवरी रेट में लगातार सुधार हो रहा है। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 लाख 7 हजार 910 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार सुबह बताया, पिछले 24 घंटे में 217 मरीजों की मौत हुई है।

रिकवरी रेट 48.07 प्रतिशत
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हमारा रिकवरी रेट 15 अप्रैल को 11.42% था। 3 मई को यही बढ़कर 26.59% हो गया। 18 मई को बढ़कर 38.39% हो गया और आज यह 48.07 % है।
भारत में सबसे कम मृत्यु दर
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल, समय पर संक्रमण का पता लगाने और सही इलाज करने की वजह से हम बेहतर स्थिति में हैं। देश में कोरोना संक्रमण से जिन लोगों की मौतें हुई हैं, उनमें से 73% ऐसे थे जिन्हें पहले से ही गंभीर बीमारियां थीं। देश में कोरोना से मौतों की दर सिर्फ 2.82% है, जबकि दुनिया में ये दर 6.13% है।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा केस
covid19india.org के मुताबिक, मंगलवार को सबसे ज्यादा 8,820 केस सामने आए। महाराष्ट्र में 2287, दिल्ली में 1298, तमिलनाडु में 1091, गुजरात में 415, प. बंगाल में 396, कर्नाटक में 388, उत्तरप्रदेश में 368, हरियाणा में 296, राजस्थान में 272, बिहार में 151, ओडिशा में 141, मध्यप्रदेश में 137 और केरल में 86 नए मरीज सामने आए।
करीब एक लाख लोग ठीक हो चुके हैं
देश में कोरोना से 24 घंटे में 3708 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। कोरोना से कुल 95,527 लोग ठीक हो चुके हैं।
अन्य देशों की तुलना में भारत में मामले कम
14 देश देखें जिनकी आबादी हमारे देश से लगभग है तो उनमें हमारे देश से मुकाबले 22.5% ज्यादा मामले सामने आए हैं। 15 अप्रैल में देश का केस फर्टिलिटी रेट करीब 3.3% था, अब वह घटकर 2.82% हो चुका है।
हर दिन 1.20 लाख हो रही है टेस्टिंग
आईसीएमआर ने कहा, हमारी जो टेस्टिंग सुविधा है अब वो हर केंद्र शासित प्रदेश और राज्य में उपलब्ध है। हमारी 681 टेस्टिंग लैब्स फंक्शनल हैं जिसमें से सरकारी सेक्टर में हमारी 476 लैब्स और प्राइवेट में 205 काम कर रही हैं। मार्च में जो हमारी टेस्टिंग क्षमता 20,000-25,000 सैंपल प्रतिदिन थी। वो अब औसतन 1,20,000 प्रतिदिन हो गई है।
देश के 70 फीसदी से ज्यादा मामले सिर्फ 13 शहरों में हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नै, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता/हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टु और तिरुवलुर शामिल हैं। इन्हीं शहरों पर अब सरकार का फोकस है।
भारतीय लोक स्वास्थ्य संघ, इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन और भारतीय महामारीविद संघ के एक्सपर्ट्स ने एक रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी है। रिपोर्ट के मुताबिक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास में चौथे लॉकडाउन में दी गई राहतों के कारण ट्रांसमिशन बढ़ा है।
महामारी में तीसरे स्टेज को कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज कहा जाता है, जिसमें ऐसे लोग भी संक्रमित होने लगते हैं, जो ना तो किसी देश से लौटे होते हैं और ना ही ऐसे किसी व्यक्ति के संपर्क में होते हैं। ये पता नहीं चल पाता कि आखिर संक्रमण आया कहां से और उस स्थिति में रोकथाम मुश्किल हो जाती है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो चुका है।
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