60 साल की उस सुपरवुमेन की कहानी, जो तालिबान की नाक के नीचे से 10 लड़कियों को बचा कर ले आई
काबुल. तालिबान के कब्जे के बाद हर कोई अफगानिस्तान छोड़कर भागना चाहता है। तमाम देश अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए विमान भेज रहे हैं। ओक्लाहोमा में रहने वाले 60 साल की एलिसन रेनो ने भी 10 लड़कियों का काबुल ने वापस लाने के लिए शानदार काम किया। उन्होंने बताया कि कैसे अपनी एक रूममेट की मदद से उन्होंने रोबोटिक्स टीम में काम करने वाली उन 10 लड़कियों का रेस्क्यू करवाया। जानें कैसे किया गया 10 लड़कियों का रेस्क्यू...

9 बच्चों की मां एलिसन रेनो ने बताया कि साल 2019 में एक्सप्लोर मार्स के एनुअल ह्यूमन टू मार्क प्रोग्राम में उन्होंने उन 10 लड़कियों से मुलाकात की थी, जिनकी उम्र 16 से 18 साल के बीच थी। इसके बाद से ही वे उन लड़कियों के संपर्क में थी। फिर जब उन्हें पता चला कि अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हो गया है तो उन्होंने ठान लिया कि उन लड़कियों को वहां से निकालना ही होगा।
रेनो ने कतर में अमेरिकी दूतावास में काम करने वाली अपनी एक पुरानी रूममेट के पास पहुंची। इसके बाद लड़कियों के रेस्क्यू ऑपरेशन का शुरुआत हुई। कहानी शुरू करने से पहले बता दें कि रेनो खुद हार्वर्ड से पढ़ी हैं। उन्होंने यूएस स्पेस पॉलिसी में मास्टर डिग्री ली है।
उन्होंने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए बताया, जब मुझे पता चला कि मैं जिन लड़कियों से रोज बात करती हूं वह अफगानिस्तान में तालिबान के बीच फंसी हैं तो मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कहां से शुरू करूं। मैंने अपने आप से कहा मेरे हाथ में क्या है? मैं कहाँ से शुरू कर सकती हूं? मैं असहाय महसूस कर रही थी।
इसके बाद रेनो ने कतर जाने का फैसला किया उन्होंने बताया, मैंने तय किया कि सोमवार को मैं कतर के लिए उड़ान भरने जा रही हूं। मैं सोच रही थी कि क्या मैं कतर में किसी को जानती हूं।
रेनो को तब वाशिंगटन में अपने पुराने रूममेट की याद आई। उड़ान भरने से पहले उसने अपनी दोस्त को कॉल किया। इसके बाद रूममेट भी एक्टिव हो गई। वह रात भर कागजी कार्रवाई करती रही। पूरी रात दूतावास में ही बीती। इसी बीच रेनो को सभी लड़कियों के पासपोर्ट मिल गए।
रेनो और उनकी दोस्त रात-दिन दूतावास में काम में लगे रहे। करीब दो हफ्ते तक कतर में अमेरिकी दूतावास के साथ काम किया। इसके बाद 10 लड़कियों को अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा में तालिबान से बचाकर एयरपोर्ट लाया गया। फिर कुछ देर बाद पता चला कि लड़कियां विमान में बैठ गई हैं। उड़ान भर ली है। ये सुनते ही रेनो की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अब उन सभी 10 लड़कियों को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया, जहां वे उच्च शिक्षा हासिल करेंगी। 10 लड़कियों को काबुल से निकालने की ये कहानी बताती है कि कैसे रेनो की कोशिश से उन लड़कियों की जिंदगी नर्क होने से बच गई।
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