कोरोना वायरस जिस तरह से फैल रहा है, उसको देखकर लगाता है कि इस महामारी ने सारे नाते-रिश्तों को मार दिया है। पड़ोसी होकर भी वह एक-दूसरे के घर नहीं जा पा रहे हैं। ऐसी एक दुखभरी घटना हरियाणा से सामने आई है। जहां एक मां अपने दो साल के बेटे से मिलने के लिए तड़प रही है।

फतेहाबाद (हरियाणा). कोरोना वायरस जिस तरह से फैल रहा है, उसको देखकर लगाता है कि इस महामारी ने सारे नाते-रिश्तों को मार दिया है। पड़ोसी होकर भी वह एक-दूसरे के घर नहीं जा पा रहे हैं। ऐसी एक दुखभरी घटना हरियाणा से सामने आई है। जहां एक मां अपने दो साल के बेटे से मिलने के लिए तड़प रही है।

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बेटे से मिलने के लिए तड़प रही
दरअसल, यह घटना फतेहाबाद के एक सरकारी अस्पताल में देखने को मिली। जहां एक 26 वर्षीय महिला को क्वारैंटाइन किया गया है। वह अपने 2 साल के बेटे से मिलने के लिए तड़प रही है। महिला बार-बार अस्पताल से भागने की कोशिश कर रही है। उसने तीन बार यहां से भागने का प्रयास किया, हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो सकी।

किसी को नहीं आती महिला की भाषा 
जानकारी के मुताबिक, क्वारैंटाइन की गई यह महिला असम की रहने वाली है। क्योंकि वह असम की भाषा में ही बात करती है। यह महिला 12 मार्च को फतेहाबाद के पीली मंदोरी गांव में लोगों को दिखाई दी थी। जिसे ग्रामीणों ने पकड़कर यहां के स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया था। वह डॉक्टरों से असमी में बात करती है, लेकिन ज्यादा किसी को समझ नहीं आता है।

पति ने महिला का कर दिया सौदा
अस्पताल के डॉक्टर हनुमान ने बताया कि आसामी भाषा को जानने वाले की मदद से महिला से बात की गई है। उसने बताया कि करीब 1 लाख 20 हजार में उसके पति ने उसे किसी को बेच दिया था। 11 मार्च की रात एक ट्रक वाले ने उसको सिरसा के रिंग रोड़ पर छोड़ दिया था। जिसके बाद वह भटकते-भटकते पीली मंदोरी गांव पहुंची तो गांववालों ने उसके पकड़कर यहां भेज दिया।

बेटे का नाम लेकर रोती रहती है मजबूर मां
डॉक्टर हनुमान ने बताया कि महिला का कोरोना टेस्ट किया गया, लेकिन उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई हुई है। फिलहाल सुरक्षा के चलते उसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। लेकिन वह बार-बार बेटे का नाम लेकर रोती है। वह अपने बच्चे से मिलना चाहती है। इसके लिए वह अस्पताल से तीन बार भागने की कोशिश कर चुकी है।