Haryana Encounter: हरियाणा के बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस और हरियाणा STF ने एक मुठभेड़ में लॉरेंस बिश्नोई-हैरी बॉक्सर गैंग के दो शूटरों को मार गिराया. दोनों पर एक-एक लाख का इनाम था और वे हांसी में एक जिम ट्रेनर की हत्या के आरोपी थे.
बहादुरगढ़ (हरियाणा): हरियाणा के बहादुरगढ़ में पुलिस ने एक मुठभेड़ में दो शूटरों को मार गिराया है। ये दोनों शूटर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई-हरिराम (हैरी) बॉक्सर गैंग से जुड़े थे और एक जिम मालिक की हत्या के मामले में वॉन्टेड थे। हरियाणा पुलिस की क्राइम पर यह बहुत बड़ी सफलता है।

मामला शनिवार का है, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जॉइंट टीम ने बहादुरगढ़ के बालोर के पास दो अपराधियों, प्रवेश और हिमांशु को घेर लिया। दोनों ही हिसार के रहने वाले थे और उन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था. इन पर 11 जून को हांसी में कपिल नाम के एक जिम ट्रेनर की बेरहमी से हत्या करने का आरोप था. इस हत्याकांड का CCTV फुटेज भी सामने आया था।
क्यों पुलिस ने दोनों को किया ढेर?
पुलिस के मुताबिक, जब दोनों अपराधियों को सरेंडर करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों शूटर गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें फौरन पास के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस गोलीबारी के दौरान स्पेशल सेल के एक कॉन्स्टेबल अंकित के पैर में भी गोली लगी है और उनका इलाज चल रहा है।
'24 HS फिटनेस' के बाहर की थी अंधाधुंध फायरिंग
- आपको बता दें कि बहादुरगढ़ की इस मुठभेड़ से पहले 25 जून को भी स्पेशल सेल की टीम ने इसी गैंग के दो और सदस्यों को पकड़ने के लिए पश्चिम विहार इलाके में जाल बिछाया था। हकीकत उर्फ साहिल और सागर नाम के इन दोनों बदमाशों को एक छोटी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर 11 जून को ही पश्चिम विहार में एक सिंगर के जिम '24 HS फिटनेस' के बाहर अंधाधुंध फायरिंग करने का आरोप था।
- 25 जून की मुठभेड़ में हकीकत की कोहनी और सागर के घुटने में गोली लगी थी। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था और वे फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं।
पुलिस को जिम ट्रेनर मर्डर केस का मिला था बड़ा सुराग
- पुलिस ने बताया कि हकीकत और सागर से पूछताछ में ही हांसी में हुए जिम ट्रेनर मर्डर केस से जुड़े अहम सुराग मिले थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने खुफिया और टेक्निकल तरीकों से जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार प्रवेश और हिमांशु तक पहुंच गई।
- इस गैंग पर नकेल कसने के लिए स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत भी केस दर्ज किया गया है. इसका मकसद गैंग के फाइनेंशियल और लॉजिस्टिकल नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ना है. पुलिस अब इस सिंडिकेट के फरार सरगनाओं, हरिराम जाट और अनिल पंडित को भी कानून के शिकंजे में लाने की तैयारी कर रही है. पुलिस का कहना है कि उन्हें उनके मौजूदा ठिकानों से जल्द से जल्द प्रत्यर्पित/निर्वासित कराने के लिए सभी कानूनी तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।


