जहां एक तरफ पुलिस गरीब और बेसहारा लोगो के लिए मसीहा बनी है। वह भूखे-प्यासे मजदूरों को खाना बांट रही है। लेकिन फरीदाबाद में यही पुलिस एक 13 साल के बच्चे के लिए क्रूर बन गई।

फरीदाबाद (हरियाणा). कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया। लोगों से घरों से न निकलने की अपील की है। इसी बीच हरियाणा पुलिस का एक मानवीय चेहरा सामने आया है।

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बच्चे पर कहर बनकर टूट पड़ा पुलिसवाला
जहां एक तरफ पुलिस गरीब और बेसहारा लोगो के लिए मसीहा बनी है। वह भूखे-प्यासे मजदूरों को खाना बांट रही है। लेकिन फरीदाबाद में यही पुलिस एक 13 साल के बच्चे के लिए क्रूर बन गई। मासूम धर से बाहर दूध लेने के लिए निकला था। जैसे ही पुलिस की नजर उस पर पड़ी तो वह उस पर कहर बनकर टूट पड़े। पुलिसवालों ने बच्चे की इतनी बेरहमी से पिटाई कर डालाी कि उसका एक पैर टूट गया। वह चीखता रहा अंकल छोड़ दो-छोड़ दो, लेकिन वह उके पैरों पर डंडा बरसाते रहे।

मासूम चीखता रहा, पर नहीं माना पुलिसवाला
बच्चे की चीखने आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां जमा हुए तो आरोपी पुलिसवाला वहां से भाग गया। इसके बाद मासूम रोते हुए बोला-में पुलिसवाले अंकल कहता रहा आप फोन पर मेरे घर बात कर लीजिए। मैं तो दूध लेने के लिए जा रहा हं। लेकिन वह नहीं माने और पीटते रहे। इसी बीच एक राहगीर दीपक ने बताया कि बच्चा के विनती करने पर भी नहीं माना। मुझको देखते ही वह फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मी की शिकायत निकटतम थाने में कर दी है। हालांकि अभी तक उसकी पहचान नहीं हुई है।