चरखी दाददी (हरियाणा). कहते हैं मां और बेटे का रिश्ता बहुत ही अनमोल होता है। ऐसा रिश्ता दुनिया में और कही नही मिल सकता। लॉकडाउन में ऐसी एक मार्मिक कहानी हरियाणा से सामने आई है। जहां जब एक बेटे को पता चला कि उसकी मां बीमार है तो वह मिलने के लिए  1400 किमी का सफर तय कर घर पहुंचा। 

चरखी दाददी (हरियाणा). कहते हैं मां और बेटे का रिश्ता बहुत अनमोल होता है। लॉकडाउन में ऐसी एक मार्मिक कहानी हरियाणा से सामने आई है। जहां एक बेटे को जब पता चला कि उसकी मां बीमार है तो वह मिलने के लिए 1400 किमी का सफर साइकिल से तय कर घर पहुंचा।

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कई मुश्किलों से गुजरते पहुंचा गांव
दरअसल, दिल को छू लेने वाली यह तस्वीर चरखी दादरी से सामने आई है। जहां लॉकडाउन में कई मुश्किलों से गुजरते हुए संजय रामफल नाम का युवक मां से मिलने मुंबई से साइकिल चलाकर हरियाणा पहुंच गया।

मां से मिलने का ऐसे आया आइडिया
जानकारी के मुताबिक, संजय एक रंगकर्मी है। वह करीब तीन महीने पहले मुंबई में एक फिल्म का ऑडिशन देने गया था। लेकिन, कोरोना वायरस की वजह से वह वहीं फंस गया। इस बीच एक दोस्त का फोन आया और मां के गंभीर रूप से बीमार होने की बात बताई। संजय ने अपने गांव आने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन कोई बस-ट्रेन नहीं होने की वजह से वह आने में सफल नहीं हो पा रहा था। ऐसे में उसने OLX से पुरानी साइकिल खरीदी और घर आने के लिए निकल पड़ा।

16 दिन तक साइकिल चलाकर पहुंचा मां के पास
संजय ने कहा-जैसे ही मुझे मां के बीमार होने की खबर मिली तो मेरा मुंबई में रुकना एक-एक पल भारी पड़ गया। मैं किसी तरह मां का चेहरा देखना चाहता था। मैंने दादरी आने और मां से मिलने के लिए मन बना लिया था कि बस किसी तरह गांव पहुंचना है। इस तरह संजय साइकिल से सफर करके 16वें दिन अपने गांव पहुंचा। जहां उसने सबसे पहले चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में अपना चेकअप करवाया। जहां डॉक्टरों ने उसे 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी है।