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Dhanteras 2021: 2 नवंबर को त्रिग्रही योग में मनाया जाएगा धनतेरस पर्व, त्रिपुष्कर योग में होगा इस दिन सूर्योदय

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस (Dhanteras 2021) का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 2 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन मुख्य रूप से भगवान धन्वन्तरि की पूजा की जाती है, जो औषधियों के स्वामी हैं। इस पर्व की कथा समुद्र मंथन से जुड़ी है।
 

Dhanteras 2021, know astrological importance and facts about it
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Ujjain, First Published Oct 28, 2021, 7:30 AM IST
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उज्जैन. मान्यता है कि धनतेरस पर ही भगवान धन्वन्तरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर निकले थे। कलश एक प्रकार का बर्तन ही होता है, इसलिए धनतेरस (Dhanteras 2021) पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन अन्य चीजों की खरीदी का भी विशेष महत्व है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इस बार धनतेरस पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे ये पर्व और भी खास हो गया है।

त्रिपुष्कर योग में होगा सूर्योदय
ज्योतिषाचार्य पं. द्विवेदी के अनुसार धनतेरस की सुबह त्रिपुष्कर योग में सूर्योदय होगा, हालांकि ये शुभ योग 8 बजे के आस-पास ही खत्म हो जाएगा, लेकिन इसका शुभ प्रभाव पूरे दिन बना रहेगा। त्रिपुष्कार योग में की गई खरीदी, दान और शुभ कार्यों का फल 3 गुना होकर मिलता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है। इस दिन उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र होने से धाता और सौम्य नाम के 2 शुभ योग और भी बन रहे हैं, जो पूरे दिन रहेंगे।

बुध करेगा राशि परिर्वतन
2 नवंबर, मंगलवार को धनतेरस पर बुध ग्रह राशि परिवर्तन कर कन्या से तुला राशि में प्रवेश करेगा। इस राशि में पहले से ही सूर्य स्थित है। सूर्य और बुध के एक ही राशि में होने बुधादित्य नाम का एक अन्य शुभ योग भी इस दिन बन रहा है। मंगल ग्रह भी तुला राशि में होने से त्रिग्रही योग भी धनतेरस पर बन रहा है।   

भौम प्रदोष पर करें शिवजी की पूजा
प्रत्येक मास की त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत व पूजा की जाती है। इस बार ये तिथि 2 नंवबर, मंगलवार को है। मंगलवार को त्रयोदशी तिथि का योग होने से ये भौम प्रदोष कहलाएगा। इस दिन शिवजी के साथ-साथ मंगल ग्रह से संबंधित उपाय भी करने चाहिए। अगर किसी को मंगल दोष है तो ये दिन भात पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है। इससे मंगल से संबंधित दोषों में कमी आती है और अन्य परेशानियां भी कम होती हैं।

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