हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। इन मान्यताओं को शकुन और अपशकुन से जोड़कर देखा जाता है। उनमें से एक हैं छींक, जिसको प्राय: अशुभ माना जाता है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कुछ विशेष अवसरों पर छींक आना शुभ शकुन भी माना जाता है।

उज्जैन. हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। इन मान्यताओं को शकुन और अपशकुन से जोड़कर देखा जाता है। उनमें से एक हैं छींक, जिसको प्राय: अशुभ माना जाता है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कुछ विशेष अवसरों पर छींक आना शुभ शकुन भी माना जाता है। आज हम आपको छींक से जुड़े कुछ विशेष शकुन-अपशकुनों के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार है…

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छींक के अपशकुन
1.
रसोई में दूध उबलते समय यदि गृहिणी छींक दे तो इससे परिवार के सदस्यों की सेहत पर पुरा असर पड़ता है। ऐसी मान्यता है।
2. घर से निकलते समय छींक आना कार्य में असफलता मिलने की सूचना देती है। दाईं तरफ की छींक धन को नष्ट करती है।
3. रास्ते में अथवा घर के बाहर यदि कुत्ता छींक दे तो विघ्न और विपत्ति की सूचना है, यदि कुत्ता एक से अधिक बार छींक दे तो विपत्ति के टल जाने की संभावना है।
4. सामने की छींक लड़ाई-झगड़े को बतलाती है। शुभ कार्य के लिए गमन के समय यदि कोई छींक मार दे तो अपशकुन होता है।

छींक के शकुन
1. श्मशान तथा किसी दुर्घटना स्थल पर कोई व्यक्ति छींक मार देता है तो इसे वैदिक साहित्य में शुभ माना जाता है।
2. भूकम्प, दुर्भिक्ष या महामारी की सूचना पर यदि जीव-जंतु तथा मनुष्य छींक दें तो अनिष्ट के दूर होने की संभावना रहती है।
3. शुभ कार्य के लिए जाते समय यदि गाय या उसका बछड़ा छींक दे तो निश्चित कार्य सिद्धि होती है। यह शकुन धन वृद्धि का भी सूचक है।
4. दवाई का सेवन करते समय यदि छींक आए और औषधि गिर जाए तो रोग का निवारण शीघ्र होता है।
5. ऊंची छींक बड़ी ही उत्तम होती है। बाईं तरफ की छींक से सुख मिलता है। पीछे की छींक से सुख मिलता है।

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