Sawan Garden Balcony Decor: सावन का महीने में खाली पड़ी बालकनी को सजाने के 5 यूनिक आइडियाज, जो न केवल आसान है बल्कि बजट फ्रेंडली भी हैं। जिन्हें अपनाकर आप बालकनी की रंगत निखार सकते हैं।
सावन का महीना हरियाली का होता है। पेड़-पौधों की खूबसूरती, बारिश और भगवान शिव का नाम इस महीने को खास बना देता है। अगर आप भी प्लैट-अपार्टमेंट में रहते हैं तो सोचते हैं कि बालकनी में श्रावण मास की हरियाली नहीं लाई जा सकती है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बस थोड़ा सी प्लानिंग और क्रिएटिव आइडियाज, जो खाली बालकनी को खूबसूरत "मिनी शिव गार्डन" में बदल सकते हैं। यह केवल देखने के लिए नहीं बल्कि आप यहां बैठकर पूजा भी कर सकते हैं।
1 - बालकनी में उगाएं शिव के प्रिय पौधे
सावन का महीना भगवान शिव जी को समर्पित है। ऐसे में बालकनी में उनके पसंदीदा पौधे भी होने चाहिए।
- बेलपत्र- भगवान शिव की पूजा बेलपत्र की बिना अधूरी है। इसे छोटे गमले या ग्रो बैग में लगाया जा सकता है। इसे 5-7 घंटे में रखे और ड्रेनेज मिट्टी का यूज करें।
- चंपा- महादेव के प्रिय फूलों में चंपा का नाम भी है, जो प्राकृतिक खुशबू के लिए जाना जाता है। इसे भी गमले और ग्रो बैग में उगाएं। बारिश के मौसम में यह और भी अच्छे से खिलता है।
- अपराजित- नीले और सफेद रंगों के फूलों देने वाला अपराजिता रेलिंग या ट्रेलिस पर आसानी से चढ़ जाता है और घर की सुंदरता में चार चांद लगाता है।
2- तुलसी संग लगाएं खुशबूदार पौधे
सावन में गार्डन तैयार करने के लिए शिव के पसंदीदा फूलों के अलावा आप तुलसी, मोगरा, हरसिंगार जैसे पौधे जरूर लगाएं। यह प्लांट प्राकृतिक खुशबू से भरपूर होते हैं। इन्हें लगाने के बाद बालकनी खिली-खिली दिखती है।
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3- वास्तु के अनुसार पौधों की प्लानिंग
यदि आप सकारात्मक ऊर्जा चाहते हैं तो वास्तु का ध्यान रखें। उत्तर-उत्तर पूर्व दिशा में छोटे पौधे और तुलसी लगाएं। वहीं, दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में भारी गमले वाले पौधे लगा सकते हैं। वहीं, पूर्व दिशा के लिए मनी प्लांट बढ़िया रहता है। बालकनी में कांटेदार पौधे रखने के बचना चाहिए।
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4- सावन का झूला डालना न भूलें
अब पौधे लगा रहे हैं तो सावन का झूला भी होना चाहिए। वैसे भी सावन के महीने में पेड़ पर झूला डालने की परंपरा सदियों पुरानी है। कम जगह वाली बालकनी में हैंगिंग चेयर या केन स्विंग बढ़िया रहेंगे। इनके आस-पास रंग-बिंरगे के चादर, कुशन रखें। चाहें तो आप आर्टिफिशियल बेल से भी सजा सकती हैं।
5- लाइटिंग और पानी से दें एस्थेटिक टच
पौधे और झूले लगाने के बाद, बालकनी डेकोरेशन भी जरूरी है। आप टेराकोटा बाउल या कांच का कटोरा ले सकते हैं। इसे एक मेज में रखकर साइड कर दें। अब इनमें पानी भरने के बाद गुलाब या कमल की पंखुड़ियां डालें। साथ में फ्लोटिंग दीया संग लुक कंप्लीट करें। यह शाम को खूबसूरत एस्थेटिक वाइब देगा। अगर आप इतनी जहमत नहीं उठाना चाहते हैं तो फेयरी लाइट्स से भी काम चला सकते हैं।
