Sawan Plants: सावन में घर की हरियाली के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद भी पाना चाहते हैं? जानिए शिव को प्रिय 5 पवित्र पौधों के बारे में, जिन्हें सावन में लगाना शुभ माना जाता है। साथ ही पढ़ें उनकी आसान केयर टिप्स, ताकि पौधे हमेशा हरे-भरे रहें।
Monsoon Gardening Tips: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान घर या मंदिर में कुछ विशेष पौधे लगाने की परंपरा भी है। मान्यता है कि ये पौधे भगवान शिव को प्रिय हैं और घर में हरियाली के साथ सकारात्मक ऊर्जा भी लाते हैं। अगर आप भी इस सावन अपने गार्डन या बालकनी को धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरना चाहते हैं, तो इन 5 पौधों को जरूर लगाएं। साथ ही जानिए उनकी आसान देखभाल के टिप्स।
बेलपत्र का पौधा (बेल)
बेलपत्र भगवान शिव को सबसे प्रिय माना जाता है। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व है। सावन में बेल का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां रोजाना 5-6 घंटे धूप मिले। मिट्टी में अच्छी जल निकासी रखें और जरूरत के अनुसार ही पानी दें, क्योंकि ज्यादा नमी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।

धतूरा का पौधा
धतूरा भी भगवान शिव की पूजा में प्रमुख रूप से चढ़ाया जाता है। यह पौधा कम देखभाल में भी आसानी से बढ़ता है। इसे रेतीली या अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में लगाएं। सप्ताह में दो से तीन बार हल्की सिंचाई करें और पौधे को खुली धूप मिलने दें। बारिश के मौसम में अतिरिक्त पानी जमा न होने दें।
आक (मदार) का पौधा
आक के फूल और पत्ते शिव पूजा में विशेष महत्व रखते हैं। यह पौधा सूखा और गर्म मौसम भी आसानी से सहन कर लेता है। इसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। धूप वाली जगह पर लगाने से इसकी अच्छी ग्रोथ होती है। समय-समय पर सूखी टहनियों की छंटाई करते रहें ताकि पौधा स्वस्थ बना रहे।

तुलसी का पौधा
हालांकि तुलसी मुख्य रूप से भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है, लेकिन घर में इसका पौधा सकारात्मक ऊर्जा और शुद्ध वातावरण का प्रतीक माना जाता है। इसे सुबह की धूप वाली जगह रखें और मिट्टी सूखने पर ही पानी दें। समय-समय पर सूखी पत्तियां हटाने से पौधा घना और हरा-भरा बना रहता है।
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चमेली का पौधा
चमेली के सुगंधित फूल भगवान शिव की पूजा में भी अर्पित किए जाते हैं। यह पौधा सावन में तेजी से बढ़ता है। इसे रोजाना 4-6 घंटे धूप दें और मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन जलभराव न होने दें। फूल आने के बाद हल्की छंटाई करने से नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं।

पौधों की देखभाल के 7 जरूरी टिप्स
- सावन में जलभराव से बचाने के लिए गमले में ड्रेनेज होल जरूर रखें।
- पौधों को सुबह की हल्की धूप मिलने वाली जगह पर रखें।
- मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट महीने में एक बार डालें।
- बारिश के बाद पौधों के आसपास जमा पानी तुरंत हटा दें।
- पीली या सूखी पत्तियों की नियमित छंटाई करें।
- कीटों से बचाव के लिए नीम के तेल का स्प्रे करें।
- पौधों की जरूरत के अनुसार ही पानी दें, अधिक सिंचाई से जड़ें सड़ सकती हैं।
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सावन में भगवान शिव को कौन-से पौधे सबसे प्रिय माने जाते हैं?
बेलपत्र, धतूरा, आक (मदार), चमेली और शमी जैसे पौधे भगवान शिव को प्रिय माने जाते हैं। सावन में इन पौधों को लगाना और उनकी पूजा करना शुभ माना जाता है।
सावन में लगाए गए पौधों की देखभाल कैसे करें?
पौधों को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में लगाएं, जरूरत के अनुसार ही पानी दें, समय-समय पर जैविक खाद डालें और बारिश के मौसम में गमले में पानी जमा न होने दें।
क्या सावन में घर की बालकनी या गमले में ये पौधे लगाए जा सकते हैं?
बेल, चमेली, तुलसी और धतूरा जैसे कई पौधे बड़े गमलों या बालकनी में आसानी से लगाए जा सकते हैं। बस उन्हें पर्याप्त धूप, सही मिट्टी और नियमित देखभाल मिलनी चाहिए।
