महीप कपूर टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित हैं, और उनका ब्लड शुगर लेवल 700 mg/dL तक पहुंच गया था, जिससे उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। टाइप 1 डायबिटीज गंभीर स्थिति हो सकती है यदि इसे सही समय पर नियंत्रित न किया जाए।

हेल्थ डेस्क: अनिल कपूर की भाभी और संजय कपूर की पत्नी महीप इन दिनों नेटफ्लिक्स के शो ‘फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स’ से खूब तारीफ बटोर रही हैं। शो के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किसी को भी हैरान कर सकते हैं।महीप कपूर टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित हैं। कुछ समय पहले महीप का ब्लड शुगर लेवल 700 के पार पहुंच गया था। इस कारण महीप को अचानक से आईसीयू में भर्ती करना पढ़ा था। महीप ने बताया कि जरा सी भी देरी से वह हॉस्पिटल पहुंचती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। अगर ब्लड शुगर लेवल की समय-समय पर जांच न कराई जाए तो यह गंभीर समस्या हो सकती है। आईए जानते हैं टाइप 1 डायबिटीज कब खतरनाक बन जाती है।

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700 ब्लड शुगर लेवल के कॉम्प्लीकेशंस

अगर किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल 180 mg/dL से 250 mg/dL के बीच में होता है तो इस कंडीशन को हाइपरग्लाइसेमिया या फिर हाई ब्लड ग्लूकोज माना जाता है। वहीं 250 mg/dL से ज्यादा का ब्लड शुगर लेवल खतरनाक स्थिति होती है। जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल 600 mg/dL से पर पहुंच जाए वह जानलेवा भी साबित हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति 8 घंटे तक व्रत रहता है और उसका ब्लड शुगर लेवल 126 mg/dL तक पहुंच जाता है इसका मतलब यह है कि वह व्यक्ति से डायबिटीज से पीड़ित है। 

शो के दौरान महीप कपूर ने बताया कि उनका ब्लड शुगर लेवल 700 mg/dL के पार पहुंच गया था। ब्लड में शुगर का इतना लेवर किसी भी ऑर्गेन को फेल करने के लिए काफी होता है। अगर व्यक्ति को तुरंत चिकित्सकीय देखभाल न मिले तो व्यक्ति की मौके पर मौत भी हो सकती है। महीप ने यहां तक कहां कि तबियत खराब होने पर उन्हें तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कराया गया और आईसीयू में कुछ दिन तक रखा गया। 

क्या होती है टाइप 1 डायबिटीज 

महीप कपूर टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित हैं। टाइप 1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून डिजीज है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम पेनक्रियाज की इंसुलिन बनाने वाली सेल्स को डैमेज कर देता है। इस कारण से शरीर में इंसुलिन की पर्याप्त मात्रा नहीं बन पाती है। जब ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है तो व्यक्ति को विभिन्न प्रकार के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें रोजाना ब्लड में शुगर के लेवल की जांच करानी चाहिए। टाइप 1 डायबिटीज के कारण नर्वस सिस्टम, आंखें, दिल, किडनी आदि को भी खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज पेशेंट को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के साथ ही डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए।

 टाइप 1 डायबिटीज में देखभाल

टाइप 1 डायबिटीज को नियंत्रण में रखने के लिए पेशेंट को इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते हैं। उन्हें रोजाना समय इंजेक्शन की डोज लेनी पड़ती है। साथ ही खाने में ऐसी चीजों से दूरी बनानी पड़ती है जो रक्त में शर्करा के लेवल को तेजी से बढ़ाएं। कुछ सावधानी रखकर टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति हेल्दी जीवन जी सकते हैं। 

Disclaimer: उपरोक्त दी गई जानकारी सूचना मात्र है।अगर आपको कभी भी डायबिटीज के लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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