Heart Attack emergency: हार्ट अटैक के लक्षण दिखते ही तुरंत क्या करना चाहिए? जानें इमरजेंसी में दी जाने वाली 3 जरूरी दवाएं—डिस्प्रिन, क्लोपिडोग्रेल और एटोरवास्टेटिन, जो मरीज की हालत को स्थिर रखने में मदद करती हैं।

दिल का दौरा पड़ने पर अक्सर व्यक्ति को समझ नहीं आता कि तुरंत क्या किया जाए। अस्पतान पहुंचने में ही 1 घंटे लग जाते हैं। अगर व्यक्ति को हार्ट अटैक के लक्षण दिखते ही तुरंत कुछ मेडिंसिंस दी जाएं, तो व्यक्ति की हालत को स्थिर रखा जा सकता है। डॉक्टर अमनदीप अग्रवाल एक वीडियो में बताते हैं कि इमरजेंसी में 3 दवाएं देने पर मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सकता है। जानिए इसके बारे में अधिक जानकारी।

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हार्ट अटैक के दौरान कौन सी दवाएं ली जा सकती हैं?

हार्ट अटैक के कुछ लक्षण जैसे कि छाती में तेजी से दर्द आना, पसीना आना, उल्टी आदि की समस्या होने पर व्यक्ति महत्वपूर्ण 2 दवाएं खाई सकता है।

  • डिस्प्रिन: 325 मिलीग्राम दवा का सेवन करने से रक्त पतला करने में मदद मिलती है। 
  • क्लोपिडोग्रेल: 75 मिलीग्राम (एंटीप्लेटलेट) - अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार क्लोपिडोग्रेल के साथ फस्ट एड से इस्केमिक वेस्कुलर इवेंट का जोखिम कम हो जाता है और ट्रीटमेंट शुरू होने के 24 घंटों के भीतर पॉजिटिव इफेक्ट दिखना शुरू हो जाता है।
  • एटोरवास्टेटिन: 40 मिलीग्राम दवा का सेवन करने से प्लाक को स्थिर करने में मदद मिलता है और स्थिति को बिगड़ने से रोकता है।

अगर एस्पिरिन को तीव्र मायकार्डियल इन्फाकर्शन में खाया जाए तो मृत्यु दर में कमी आती है। ऐसा स्टडी में भी साबित हो चुका है। साथ ही डॉक्टर डिस्प्रिक को चबाने की सलाह देते हैं। डिस्प्रिन को चबाने से एंटीप्लेटलेट इफेक्ट कम होता है और व्यक्ति को राहत का अहसास होता है। 

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हार्ट अटैक आने पर व्यक्ति को फस्ट एड क्या दें?

  1. सबसे पहले मरीज को सीधा लेटाकर शांत रखें, टाइट कपड़े ढीले करें। 
  2. इमरजेंसी नंबर पर तुरंत कॉल करें।
  3. अगर हो सके तो एस्पिरिन 1 टैबलेट चबाने के लिए व्यक्ति को दें। ध्यान रखें कि व्यक्ति को दवा से एलर्जी नहीं होनी चाहिए।साथ में अन्य 3 दवाएं भी दी जा सकती हैं।
  4. सांस या नाड़ी रुकने पर तुरंत CPR यानी छाती पर तेज, गहरे प्रेस शुरू करने चाहिए। ये प्राथमिक उपाचार व्यक्ति की जान बचा सकते हैं। 

नोट: ये दवाएं चिकित्सा देखभाल का विकल्प नहीं हैं। किसी भी संदिग्ध दिल के दौरे में एम्बुलेंस बुलाना और हॉस्पिटल पहुंचना बेहद जरूरी होता है। 

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