Keto diet side effects: कीटो डाइट वेट लॉस और मिर्गी के इलाज में फायदेमंद मानी जाती है। लेकिन साइंस एडवांसेज में पब्लिश स्टडी के मुताबिक लंबे समय तक कीटो डाइट लेने से हार्ट डिजीज, फैटी लिवर और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। 

Keto diet: आजकल हर कोई बढ़े हुए वजन को कम करना चाहता है। इसके लिए जिम जाने से लगाकर डाइट तक में परिवर्तन किया जाता है। इन सब के बीच में कीटो डायट खूब पॉपुलर हो रही है। कीटो डाइट में लंबे समय तक लेने पर शरीर में कई परिवर्तन महसूस होते हैं। इस डाइट में अधिक वसा और कम कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाता है। इस कारण से ऊर्जा के रूप में फैट बर्न होती है। साइंस एडवांसेज में पब्लिश एक शोध के मुताबिक लंबे समय तक कीटो डायट शरीर को नुकसान पहुंचती है। आइए जानते हैं आखिर वैज्ञानिकों ने लंबे समय तक कीटो डायट को शरीर के लिए क्यों नुकसानदायक बताया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कीटो डाइट से हार्ट को पहुंचता है नुकसान?

वैज्ञानिकों ने कीटो डाइट के लंबे इस्तेमाल संबंधि एक स्टडी की, जिसमे चूहों को शामिल किया। स्टडी के दौरान पाया कि अधिक वसा और कम कार्बोहाइड्रेट वाले आहार का लंबे समय तक देने से ग्लूकोज इंटॉलरेंस, फैटी लिवर और हार्ट संबंधी समस्याओं के लक्षण दिखाई दिए। अगर कीटो डाइट का सेवन कम समय के लिए किया जाए तो शरीर को फायदे पहुंचते है। मिर्गी के इलाज से लेकर वेट लॉस तक कीटो डाइट फायदा पहुंचाती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक कीटो डाइट का इस्तेमाल जोखिम बढ़ा सकता है।

और पढ़ें: खाली पेट इन 5 फल को खाने पर बॉडी पर होता है जादू, एक से तो निखरती चेहरे की रंगत

ब्लड में बढ़ जाता है फैट

चूहों को करीब 8 महीने तक कीटो डाइट दी गई। स्टडी में पाया गया कि ब्लड में फैट बढ़ जाता है। खून में वसा बढ़ना हार्ट डिजीज का लक्षण माना जाता है। स्टडी में ये बात भी सामने आई कि इंसुलन बनाने वाली सेल्स भी प्रभावित हुई और इंसुलिन भी ठीक मात्रा में स्त्रावित नहीं हुई। इस कारण से ब्लड में शुगर का लेवल बिगड़ गया। यानी अगर लंबे समय तक कोई भी व्यक्ति कीटो डाइट लेता है तो उसे दिल की बीमारी हो सकती है। साथ ही डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। 

और पढ़ें: चाहे खाएं लड्डू या बर्फी, इन टिप्स से फेस्टिवल में भी कर सकते हैं वेट कंट्रोल