भारतीय रेलवे ने १९ स्पेशल ट्रेनों में बिना आरक्षण यात्रा शुरू की है। ये ट्रेनें प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं और यात्रियों को काउंटर, यूटीएस ऐप या जन सेवा केंद्र से टिकट लेने की सुविधा देती हैं।

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को खुशखबरी दी है। अब 19 रेलगाड़ियों में बिना किसी आरक्षण के सामान्य टिकट के साथ यात्रा करने का मौका दिया है। ये सभी 19 रेलगाड़ियाँ आज से ही अपना परिचालन शुरू कर चुकी हैं। यात्रियों की सुविधा और रेल नेटवर्क विस्तार के लिए ये 19 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन 19 रेलगाड़ियों में यात्रियों की संख्या जल्द ही बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही 19 रेलगाड़ियों से अच्छी कमाई की उम्मीद की जा रही है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

19 विशेष रेलगाड़ियाँ कहाँ से कहाँ तक चलेंगी?
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, चेन्नई-बेंगलुरु शताब्दी एक्सप्रेस, मुंबई-अहमदाबाद तेजस एक्सप्रेस, कोलकाता-पटना जन शताब्दी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम गरीब रथ एक्सप्रेस, मुंबई-पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस, चेन्नई-कोयंबटूर शताब्दी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस

हावड़ा-राँची इंटरसिटी एक्सप्रेस, बेंगलुरु-मैसूर शताब्दी एक्सप्रेस, मुंबई-गोवा तेजस एक्सप्रेस, अमृतसर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, हैदराबाद-तिरुपति सुपरफास्ट एक्सप्रेस, जयपुर-दिल्ली डबल डेकर एक्सप्रेस, चेन्नई-मदुरै तेजस एक्सप्रेस, हावड़ा-पुरी शताब्दी एक्सप्रेस, मुंबई-नासिक एक्सप्रेस।

स्पेशल रेलगाड़ियों के टिकट कैसे खरीदें?
इन स्पेशल रेलगाड़ियों का संचालन आईआरसीटीसी (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) ने शुरू किया है। इन रेलगाड़ियों में कोई रिजर्व सीटें नहीं होंगी। स्टेशन जाकर सीधे काउंटर से टिकट ले सकते हैं। काउंटर की लाइन में लगने का समय नहीं है तो यूटीएस (अनारक्षित टिकटिंग सिस्टम) मोबाइल ऐप के जरिए टिकट खरीद सकते हैं। नजदीकी जन सेवा केंद्र जाकर भी रेल टिकट खरीदने का विकल्प यात्रियों को दिया गया है।

कौन-कौन सी सुविधाएँ मिलेंगी?
आईआरसीटीसी की अनारक्षित रेलगाड़ियों में यात्रियों को कई सुविधाएँ मिलेंगी। यात्रियों को ई-कैटरिंग सेवा भी मिलेगी, ऑनलाइन अपने पसند का खाना यात्री ऑर्डर कर सकेंगे। यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी रेल कनेक्ट ऐप पर उपलब्ध होगी। अगर यात्रियों को अपनी पसंद की सीटें नहीं मिलती हैं तो वे वैकल्पिक रेलगाड़ियों का चुनाव कर सकते हैं।