Telangana Tunnel Collapse: तेलंगाना के नगरकुरनूल में सुरंग हादसे में 90 घंटे से 8 मजदूर फंसे हुए हैं। बचाव कार्य जारी है लेकिन पानी और मलबे के कारण मुश्किलें आ रही हैं।

Telangana Tunnel Collapse: तेलंगना के नगरकुरनूल इलाके में एक निर्माणाधीन सुरंग की छत का हिस्सा गिर जाने से शनिवार से 8 मजदूर सुरंग के मलबे में फंसे हैं। इनमें दो इंजीनियर भी शामिल हैं। निर्माण कार्य फिर से शुरू हो जाने के बाद करीब पचास लोग सुरंग के भीतर गए थे। वे सुरंग के भीतर 13.5 किलोमीटर तक चले गए थे जब छत का हिस्सा गिर गया। आठ लोग जो मशीन के आगे थे, वे सभी फंस गए थे। बाकी बयालीस लोग बाहर की तरफ भागे थे और सुरक्षित बाहर निकल आए थे।

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शनिवार से मजदूरों को बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य जारी

शनिवार से ही इन मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। बुधवार को भी बचाव दल का अभियान जारी रहा। ये सुरंग तेसंगना के नगरकुरनूल जिले में श्रीसैलाम लेफ्ट बैंक कनाल का हिस्सा है। भारतीय सेना, नौसेना, एनडीआरएफ, सिगारेनी कोलरीज और अन्य एजेंसियों के 584 लोगों की टीम फंसे हुए लोगों तक पहुंचने का हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।

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पानी के लगातार बहाव की वजह से बचावकर्मियों की जान पर भी खतरा

रिपोर्टों के मुताबिक सिल्ट और पानी के लगातार बहाव की वजह से बचावकर्मियों की जान पर भी खतरा बना हुआ है। तेलंगना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी के मुताबिक, ये दुनिया या कम से कम भारत में सबसे मुश्किल सुरंग बचाव अभियान है क्योंकि एसएलबीसी सुरंग में एक ही एंट्री या एक्ज़िट प्वाइंट है। उन्होंने कहा- एक समस्या ये है कि सिल्ट और पानी का लगातार तेज बहाव सुरंग में जारी है। ऐसे में कई विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि जो राहत कर्मी बचाव के लिए भीतर जा रहे हैं, उनकी जान पर भी खतरा है।

बचाव अभियान में शामिल विशेषज्ञ सभी जरूरी सुरक्षा उपायों का ध्यान रखते हुए सुरंग के बाहरी हिस्से या ऊपर से ड्रिल करने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं। अभी तक सुरंग के भीतर फंसे लोगों से कोई संपर्क नहीं हो सका है, हालांकि, ऑक्सीजन को लगातार सुरंग के भीतर पंप किया जा रहा है।