ईडी ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली शराब घोटाला (Delhi liquor scam) से हुई कमाई का कुछ हिस्सा गोवा विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान के लिए खर्च किया था।

नई दिल्ली। ईडी (Enforcement Directorate) ने गुरुवार को जानकारी दी कि आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने दिल्ली शराब घोटाला (Delhi liquor scam) से हुई कमाई को गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार अभियान में खर्च किया था।

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ईडी ने इस मामले में फाइल किए गए अपने चार्जशीट में कहा कि जांच से पता चला है कि दिल्ली शराब घोटाला में रिश्वत में मिले पैसे के कुछ हिस्से का इस्तेमाल गोवा में आप के चुनाव प्रचार में किया गया था। गोवा में 2022 में विधानसभा के चुनाव हुए थे। यहां आप ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी।

विजय नायर ने आप की ओर से लिया था रिश्वत

ईडी के अनुसार आप के सर्वे दल में शामिल लोगों को करीब 70 लाख रुपए नकद भुगतान किया गया। आप के संचार प्रभारी विजय नायर ने चुनाव अभियान से संबंधित काम कर रहे कुछ लोगों को नकद पैसे लेने के लिए कहा था। विजय नायर ने आप की ओर से YSRCP के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी, उनके बेटे राघव मगुन्टा, अरबिंदो फार्मा के निदेशक पी सरथ चंद्र रेड्डी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी कविता कलवकुंतला के एक समूह से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी।

चार्जशीट में नहीं है मनीष सिसोदिया का नाम

ईडी ने कहा कि हैदराबाद के व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सहयोगी दिनेश अरोड़ा के साथ साजिश कर पैसे ट्रांसफर किए। ईडी ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में गुरुवार को दिल्ली शराब घोटाला मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश किया। इसमें आप के विजय नायर, कारोबारी सारथ रेड्डी, विनय बाबू, अभिषेक बोइनपल्ली और अमित अरोड़ा का नाम है। चार्जशीट में मनीष सिसोदिया का नाम नहीं है। ईडी ने कोर्ट में कहा है कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी की चार्जशीट पर कहा, "यह पूरी तरह से काल्पनिक" है।

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क्या है दिल्ली शराब घोटाला?

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार वित्त वर्ष 2021-22 में नई आबकारी नीति लाई थी। इसके लागू होने के बाद आप सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। कहा गया था कि नई पॉलिसी से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने करीबियों को लाभ पहुंचाया है और इसके बदले करोड़ों रुपए रिश्वत लिए। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीएम अरविंद केजरीवाल ने नई आबकारी नीति वापस लेकर पुरानी नीति बहाल कर दी थी। ईडी इस मामले में हुई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

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