इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने श्री कृष्म जन्मभूमि विवाद से जुड़े शाही ईदगाह मथुरा का सर्वे (Shahi idgah Mathura Survey) करने की अनुमति दे दी है। 

Shahi idgah Mathura Survey. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने श्री कृष्म जन्मभूमि विवाद से जुड़े शाही ईदगाह मथुरा का सर्वे (Shahi idgah Mathura Survey) करने की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मथुरा में यह सर्वे किया जाएगा। वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के बाद अब मथुरा विवाद मामले में भी सर्वे के ऑर्डर दे दिए गए हैं।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपू्र्ण फैसला

श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में गुरुवार (14 दिसंबर) को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त अधिवक्ता आयुक्त ने मथुरा में शाही ईदगाह परिसर के भीतर एक सर्वेक्षण किया जाएगा। यह सर्वेक्षण जस्टिस मयंक कुमार की अगुवाई वाली इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ द्वारा जारी निर्देश के बाद शुरू किया जाएगा। इसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटे विवादास्पद क्षेत्र के लिए एक कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति की अनुमति दी गई है। जस्टिस मयंक कुमार जैन ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के मामले में चल रहे मुकदमे पर बीते 16 नवंबर को आदेश सुरक्षित कर लिया था।

क्या है श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद

हाईकोर्ट में यह आवेदन भगवान श्रीकृष्ण विराजमान और 7 अन्य लोगों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से दायर किया था। इसमें दावा किया गया था कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है। उन्होंने सबूत दिए कि मस्जिद शुरू में एक हिंदू मंदिर था। आवेदकों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु शंकर जैन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह साइट हिंदू मंदिर की विशेषताओं को प्रदर्शित करती है। जैसे कि कमल के आकार का स्तंभ और शेषनाग की छवि, जो हिंदू देवता हैं। यह भगवान कृष्ण के जन्म की रात उनकी सुरक्षा से जुड़े थे। मस्जिद के आधार स्तंभ पर हिंदू धार्मिक प्रतीकों और नक्काशी की उपस्थिति भी नोट की गई है।

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