आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम वेंकटेश्वर मंदिर में एकादशी पूजा के दौरान भगदड़ से 12 श्रद्धालुओं की मौत, कई श्रद्धालु हुए घायल। महिलाओं-बच्चों में अफरातफरी, वीडियो में दिखा भयावह मंजर। जानिए कैसे टूटी व्यवस्था और क्या बोले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू।

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के कासिबुग्गा में उस समय हड़कंप मच गया जब एकादशी पूजा के दौरान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह घटना तब हुई जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा करने के लिए मंदिर परिसर में जुटे थे। एकादशी का दिन हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन इस दिन श्रद्धा के बीच अचानक मची अफरातफरी ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया।

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मंदिर के बाहर अफरातफरी का खौफनाक नज़ारा -किसने संभाली स्थिति?

घटना के बाद सोशल मीडिया पर आए वीडियो दिल दहला देने वाले हैं। सीढ़ियों पर सैकड़ों महिलाएं पूजा की टोकरियां लिए एक-दूसरे पर गिरती दिखाई दीं, और कुछ श्रद्धालु सीढ़ियों में फंस गए। कई बेहोश हो गईं, जिन्हें स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत बाहर निकालने की कोशिश करते रहे। पुलिस और प्रशासन को हालात काबू में करने में कई घंटे लग गए। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस और रेस्क्यू टीमों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। एक वीडियो में दिखा कि मंदिर परिसर में शव बिखरे पड़े हैं, और एक घायल महिला ज़ोर-ज़ोर से रो रही है- यह दृश्य किसी को भी झकझोर सकता है।

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राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक-किसकी लापरवाही बनी मौत की वजह?

राज्यपाल एस अब्दुल नज़ीर ने घटना की पुष्टि की और गहरी संवेदना जताई। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतरीन मेडिकल सुविधा मिले। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ट्वीट किया, “वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ की घटना दिल दहला देने वाली है। श्रद्धालुओं की मौत अत्यंत दुखद है।” उन्होंने जिला अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने और सभी घायलों को बेहतर इलाज देने का आदेश दिया। वहीं, उनके पुत्र और राज्य मंत्री नारा लोकेश ने कहा कि वे “गहरे सदमे” में हैं और उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद देने का निर्देश दिया है।

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आखिर कैसे मची भगदड़? क्या सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी थे?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सुबह पूजा के चरम समय में मंदिर के मुख्य द्वार पर एकाएक भीड़ बढ़ने लगी। सीमित रास्ते और भारी संख्या में महिलाओं-बच्चों की मौजूदगी के बीच अचानक किसी के गिरने से भगदड़ मच गई। प्रशासन का कहना है कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।