असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को लेकर कहा कि वो न तो हिंदू और न ही मुस्लिम का पुनरुद्धार चाहता है 'कांग्रेस की मानसिकता समाज को विभाजित करना और सत्ता में आना है।

हिमंत बिस्वा सरमा। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर देश के हर राजनीतिक पार्टियों अपने प्रतिद्वंदियों पर शब्दों के बाण चला रही है। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र को लेकर तंज कसा। उन्होंने शनिवार को कहा कि ये भारत के बजाय पड़ोसी पाकिस्तान में चुनाव के लिए अधिक उपयुक्त है। सरमा ने कहा कि घोषणा पत्र का लक्ष्य समाज को बांटना है।यह तुष्टिकरण की राजनीति है और हम इसकी निंदा करते हैं। सरमा ने जोरहाट निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ''ऐसा लगता है कि यह घोषणा पत्र भारत में चुनाव के लिए नहीं बल्कि पाकिस्तान के लिए है।

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असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को लेकर कहा कि वो न तो हिंदू और न ही मुस्लिम का पुनरुद्धार चाहता है 'कांग्रेस की मानसिकता समाज को विभाजित करना और सत्ता में आना है। असम के सीएम के बयान पर असम कांग्रेस के प्रवक्ता बेदब्रत बोरा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरमा जैसा दलबदलू व्यक्ति पार्टी के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी लोकाचार को नहीं समझ पाएगा। हमारा (कांग्रेस) का घोषणा पत्र का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा करना है। सरमा कई सालों तक कांग्रेस में रहे। इसके बावजूद वो पार्टी के मुख्य लोकाचार को नहीं समझ सके। इसलिए वह बीजेपी में चले गए।

कांग्रेस ने कब जारी किया घोषणा पत्र?

बता दें कि कांग्रेस ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। पार्टी ने घोषणा पत्र में प्रशिक्षुता का अधिकार, MSP के लिए कानूनी गारंटी, SC, ST और OBC के लिए आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा बढ़ाने के लिए संवैधानिक संशोधन पारित करना, देशव्यापी जाति जनगणना और अग्निपथ योजना को खत्म करने का वादा किया है।

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