सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अयोध्या मंदिर मस्जिद विवाद पर 38वें दिन सुनवाई हो रही है। सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से राजीव धवन ने दलीलें दीं। उन्होंने हिन्दू पक्षकारों के साथ पहली लाइन में भाजपा सासंद सुब्रमण्यम स्वामी के बैठने पर आपत्ति जताई।

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अयोध्या मंदिर मस्जिद विवाद पर 38वें दिन सुनवाई हो रही है। सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से राजीव धवन ने दलीलें दीं। उन्होंने हिन्दू पक्षकारों के साथ पहली लाइन में भाजपा सासंद सुब्रमण्यम स्वामी के बैठने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, जब विजिटर को गैलरी से आगे आने की अनुमति नहीं है तो इन्हें क्यों आगे बैठने दिया जा रहा है। कोर्ट को अनुशासन बरकरार रखना चाहिए।

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इस पर सुब्रह्मण्यम स्वामी कुछ नहीं बोले। इसके बाद धवन ने कहा कि एक को जब कोई विशेष छूट मिलती है तो अन्य फायदा उठाते है। अनुशासन नहीं रहता। उन्होंने कहा, इसी वजह से अक्सर मैं देखता हूं कि कुछ नॉन एक्रीडेटेड मीडियाकर्मी और संपादक अपनी बाउंड्री क्रॉस कर कोर्ट रिपोर्टिंग के लिए कोर्ट रूम में आगे तक आ जाते है। जबकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं है।

सीजेआई ने नहीं की कोई टिप्पणी
धवन ने सुब्रह्मण्यम स्वामी के बैठने पर आपत्ति जताई। हालांकि, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इसपर कोई टिप्पणी नहीं की। इसके बाद धवन फिर से दलील देने लगे। इससे पहले राजीव धवन ने आज की सुनवाई के अलावा डेढ़ घण्टे का अतिरिक्त वक्त मांगा। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आज ही पूरा करने की कोशिश कीजिए।