मनीष सिसोदिया के परिवार से घर खाली कराने के मामले में आम आदमी पार्टी ने कहा है कि कानून का पालन किया जाएगा। वहीं, आप ने खबर लीक करने का आरोप लगाकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर जमकर निशाना साधा है। 

नई दिल्ली। शराब घोटाला केस में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया जेल में बंद हैं। दूसरी ओर उनके परिवार को सरकार ने घर खाली करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में आप ने कहा है कि कानून का पालन होगा। इसके साथ ही मनीष सिसोदिया के घर को शिक्षा मंत्री अतिशी को दिए जाने की खबर लीक करने का आरोप लगाकर आप ने एलजी पर जमकर निशाना साधा है।

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आप ने कहा कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना को अपना प्रचार करने का जुनून है। उनके पास आप के नेताओं के खिलाफ नफरत फैलाने के अलावा कोई काम नहीं है। उन्होंने इस तरह की खबरें मीडिया को लीक कर संवैधानिक पद का अपमान किया है। आप ने कहा कि कानून और परंपरा के अनुसार मंत्री इस्तीफा देने के बाद अपने आधिकारिक आवास को खाली करने के लिए बाध्य होता है।

इस्तीफा देने के 15 दिन में खाली करना होता है घर

आप ने कहा, "जहां तक पूर्व डिप्टी सीएम के आवास को लेकर जारी हुए आदेश की बात है, यह नियम बना हुआ है कि इस्तीफा देने के बाद मंत्री को अपना सरकारी घर 15 दिन में खाली करना होगा।" इस कानून के अनुसार सिसोदिया के घर का आवंटन नई बनीं मंत्री को किया गया। कानून का पालन किया जाएगा।

पार्टी ने अपने बयान में कहा, "आम आदमी पार्टी स्पष्ट रूप से कहती है कि न केवल सीएम अरविंद केजरीवाल बल्कि पूरा देश मनीष सिसोदिया के साथ खड़ा है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके काम से पूरा देश प्रभावित है। आप दिल्ली और देश भर में सिग्नेचर अभियान चला रही है। हमने देखा है कि सभी को लगता है कि मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी गलत है।

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26 फरवरी को सीबीआई ने सिसोदिया को किया था गिरफ्तार

गौरतलब है कि दिल्ली शराब घोटाला केस में सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। मनीष सिसोदिया की जगह अतिशी को दिल्ली के शिक्षा मंत्रालय की कमान सौंपी गई है। उन्होंने 9 मार्च को शपथ ग्रहण किया था। आतिशी के पास पीडब्ल्यूडी, बिजली और पर्यटन विभाग भी हैं। वहीं, 9 मार्च को ही मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सौरभ भारद्वाज को स्वास्थ्य, जल, उद्योग और शहरी विकास मंत्रालय मिले हैं।

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